n singh 25 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid n singh 3 Mar 2025 · 1 min read होली होली शीर्षक :भरत जी ढारेला लोर भरत जी ढारेला लोर , अभिओ नै अइलन भईया । भरत जी ढारेला लोर , अभियो नै अइलन भईया । भरत जी ढारेला लोर... Hindi 28 Share n singh 1 Mar 2025 · 1 min read वृक्ष हमारी सांस हैं , सबका हैं विश्वास । वृक्ष हमारी सांस हैं , सबका हैं विश्वास । नित पूजा हो पेड़ की, जिसमें देव निवास।। नरेंद्र सिंह 27 Share n singh 24 Feb 2025 · 1 min read माँ ज्ञान दे माँ ज्ञान दे माँ शारदे तू ज्ञान दे, अनुराग भर सुर तान दे। सीता शिवा तू राधिके, माँ भारती तू साधिके।। सुख दायिनी हे तारिणी, ममता मयी दुख हारिणी। मै... Hindi 35 Share n singh 24 Feb 2025 · 1 min read हे संगिनी हे संगिनी अंत:करण में भामिनी, मंथर चलो मन्दाकिनी। रमणी सदा तू कामिनी, चमको जरा हे दामिनी।। सुख दायिनी गृह तारिणी, मृग लोचनी मधु वारिणी। कटि शेरनी मुख शोभनी, गज गामिनी... Hindi 27 Share n singh 23 Feb 2025 · 2 min read नरेंद्रकृत "तरु चालीसा" नरेंद्रकृत "तरु चालीसा" दोहा नमन तरु महाराज को,इनका हो गुणगान । कवि"नरेंद्र"विनती करे, तरु का करना मान।। विविध नाम से लोग पुकारे। पाए जाते जग में सारे।। 1 तरु वृक्ष... Hindi 25 Share n singh 23 Feb 2025 · 1 min read वचन बड़े अनमोल हैं ( उल्लाला छंद ) वचन बड़े अनमोल हैं ( उल्लाला छंद ) मानव वाणी बोलिए, पहले उसको तौलिए। सत्य अरुचिकर त्याग दें , बोल मधुर रस पाग दें ।। उर में शीतलता रहे, निसृत... Hindi 42 Share n singh 23 Feb 2025 · 1 min read उल्लाला छंद उल्लाला छंद कंचन काया कामिनी कंचन काया कामिनी, लगती उज्ज्वल यामिनी। रूप छटा अति भव्य है, मानो रम्भा सत्य है।। उर मोहक मन भामिनी, जैसे चमके दामिनी। मन में भरती... Hindi 38 Share n singh 21 Feb 2025 · 1 min read उल्लाल छंद उल्लाल छंद हो विशुद्ध शुभ आचरण काया आत्मा शुद्ध हो, खान पान न विरुद्ध हो। नियत सोच निर्दोष हो, उर में सदैव तोष हो।। नेक सदा व्यवहार हो,जिसे न्याय स्वीकार... Hindi 32 Share n singh 21 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक :स्वागत बारम्बार(उल्लाला छंद) शीर्षक :स्वागत बारम्बार(उल्लाला छंद) संत समागम कीजिए, ज्ञान यहाँ से लीजिए। आप यहाँ पर आइए, अच्छे गुण अपनाइए।। जाप मोक्ष का द्वार है, अवगुण का संहार है। जिसको प्रभु से... 1 45 Share n singh 19 Feb 2025 · 1 min read नित्य करो चिंतन मनन* नित्य करो चिंतन मनन* नित्य करो चिंतन मनन, प्रभु को किया करो नमन। ईश्वर तारणहार है, रचता जो संसार है।। उनके दर में देर है,तनिक नहीं अंधेर है। उनका ध्यान... Hindi 42 Share n singh 18 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक :वीर हो (उल्लाला छंद) शीर्षक :वीर हो (उल्लाला छंद) सैनिक महान वीर हो, तुम ही जवान धीर हो। रक्षक अंतः देश का, और बाह्य परिवेश का।। धूप शीत बरसात हो, कोई भी अपघात हो।... Hindi 28 Share n singh 18 Feb 2025 · 1 min read दोहा 1 युग युग तप के बाद ही,पाए हो नर देह। मन में चाहत मोक्ष यदि,करो राम से नेह।। 2 खुद को ऐसा ढालिये,सज्जन समझे लोग। भला दूसरों का करें,छोड़ द्वेष... Hindi 40 Share n singh 18 Feb 2025 · 1 min read उल्लाला छंद उल्लाला छंद शीर्षक :मानव का धर्म हम सब ईश्वर अंश हैं, श्रद्धा मनु के वंश हैं। जीवन का आधार हो, जीवों से अति प्यार हो। प्रेम ज्ञान बाँटा करो, बैर... Hindi 30 Share n singh 16 Feb 2025 · 2 min read 💐गाँव तब और अब💐 💐गाँव तब और अब💐 आज गांवों में, निर्वाह तो हो रहा है, सभी परम्परागत, उत्सवों का,आयोजनों का, पर्वों और त्योहारों का। पर सभी नीरस-नीरस सा, सभी फीका-फीका सा, बस सिर्फ... Hindi 26 Share n singh 16 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक- जीवन रहे सुखांत शीर्षक- जीवन रहे सुखांत मत रह कभी उदास, जीवन रहे सुवास। चाहे जहाँ प्रवास, सुख का करो न ह्रास।। आनंद मूल मंत्र, जीवन रहे स्वतंत्र। बन कर रहो विशेष, मन... Hindi 1 54 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक :मैं गया जी बोल रहा हूँ शीर्षक :मैं गया जी बोल रहा हूँ सिद्धार्थ का तपस्यास्थल हूँ मैं, महात्मा बुद्ध का ज्ञानस्थल हूँ मैं, बौध्द-हिन्दू का तीर्थस्थल हूँ मैं, मोक्षप्रदान का पुण्यस्थल हूँ मैं, गयासुर का... Hindi 1 21 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read मुक्तक मुक्तक 1 मन को गंगा मानकर, उसमें करना स्नान। अपगा गंदा कर दिया, भारत के शैतान।।1 पूजा का फल सोचकर, जाते हैं सब धाम। गन्दी चीजें डालकर, करते काम तमाम।।2... Hindi 30 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read दोहा ज्ञान,प्रेम बाँटा करो,तज कर सब अभिमान। करता क्यों इतना अहं ,जब तय है अवसान।। नरेन्द्र सिंह, गया Hindi 1 32 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read दोहा सबको गले लगाइये,यह है उत्तम बात। जात पात सब दूर हो,सब है मानव जात।। नरेंद्र Hindi 30 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read रौद्र, सममात्रिक, रौद्र, सममात्रिक, आधार छंद-- अहीर मापनी-- 2212-121 जीवन रहे सुखांत मत रह कभी उदास, जीवन रहे सुवास। चाहे जहाँ प्रवास, सुख का, करो न ह्रास । आनंद मूल मंत्र, जीवन... Hindi 1 28 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक :कइसन बसंत बहार शीर्षक :कइसन बसंत बहार ई बसंत बयार कइसन, चलइत हे ई तो हाही। रुख बिरीख डोल रहल हे, बंडोबा मारे ढाही।। ले डुबतो ई गेहुम के, दलीहन के फूल झरतो।... Hindi 2 32 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read नित माँ की पूजा करो,मिलेगा तुझे ज्ञान। नित माँ की पूजा करो,मिलेगा तुझे ज्ञान। कल्याण शारदा करे,देकर विद्या दान।। ये माता वरदायिनी,हर लेती अज्ञान। दूर करती कुबुद्धि तम,मूर्ख बने विद्वान।। नरेन्द्र सिंह, गया Hindi 1 2 34 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read मित्र शराब पीने के लिए रोकते हुए मित्र शराब पीने के लिए रोकते हुए समानिका छंद, 7वर्ण होते हैं ,जिनका क्रम रगण + जगण + गुरू होता है। 212 121 2 तू रुको अभी यहीं, जा रहे... Hindi 1 30 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read शीर्षक:फिर से उठो शीर्षक:फिर से उठो गम व दुःख का तुम त्याग करो, जिंदगी का गुणा-भाग करो। क्या पाया,क्या खोया तुमने, उन सबों का परित्याग करो।। जो बीता, पीछे छूट गया, जो लूटा,... Hindi 1 26 Share n singh 15 Feb 2025 · 1 min read आधार छंद-- अहीर आधार छंद-- अहीर मापनी-- 2212-121 पदांत-- 121 अनिवार्य करना पड़े उपाय उत्तम रखो स्वभाव, धरना जरा न छाव । मन में रखो न ताव, पनपे नहीं दुराव। उर को रखो... Hindi 1 47 Share