वचन बड़े अनमोल हैं ( उल्लाला छंद )

वचन बड़े अनमोल हैं ( उल्लाला छंद )
मानव वाणी बोलिए, पहले उसको तौलिए।
सत्य अरुचिकर त्याग दें , बोल मधुर रस पाग दें ।।
उर में शीतलता रहे, निसृत शब्द जो सब सहे।
गीता पुराण का कथन, बोलें न कभी कटु वचन।।
वचन बड़े अनमोल हैं, अगर मधुर रस घोल हैं।
प्यारे बोली बात हो, शब्द से न आघात हो।।
नम्र सदा बनकर रहें, कड़वी बोली मत कहें।
हरपल इसका ध्यान हो, वाणी से पहचान हो।।
22.02.2025