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पञ्च छंदमाला

तेजवीर सिंह 🙏🌹🌻 आप सभी को दीपावली की सादर शुभकामनाएं एवम् बधाइयाँ 🌻🌹🙏 🌹🙏 पञ्च छंद माला 🙏🌹 🌴🌹🌻🌺🌼🌺🌼🌹🌻🌴 ✏दोहा छंद दीप प्रज्ज्वलित कीजिए, [...]

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“वस्तु चीन की मत अपनाना “

ramprasad lilhare
वस्तु चीन की मत अपनाना मात्रा संख्या -30 समान्त -आना पदान्त -अबकी [...]

मैं बादल हूँ

Maneelal Patel मनीभाई
मैं बादल हूं ,तुम मेरी सरिता। मैं शायर हूं ,तुम मेरी कविता । तुम [...]

ऐ बाबुल

Maneelal Patel मनीभाई
ऐ बाबुल! बिटिया को भेजें क्यों ससुराल ? देख ले बिटिया की ,क्या हो गई [...]

“अबकी दिवाली में ” विधाता छंद

ramprasad lilhare
"अबकी दिवाली में " विधाता छंद 1222 1222 1222 1222 जलाकर दीप तम को तुम जरा [...]

आओ दीप जलायें।

डॉ. शिव
आओ दीप जलायें। आओ दीप जलाये।। मनीषियों की तपो भूमि में संस्कारो [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! तेरी याद को दिल में बेशुमार करती [...]

दीपावली

krishan saini
रावण मार के घर को आये,खुशी हुई बड़ी भारी.... दीप जलाके मने दीवाली,फैल [...]

निकल न जाए दम…

Ranjeet GHOSI
दुनिया के भरे बाजार में, कहीं पीछे छूट न जाएें हम ! चलने का कोई हुनर [...]

अपनी किस्मत….

Ranjeet GHOSI
आज मैं अपनी किस्मत को, फिर आजमाने चल पड़ा हूं !! देखना है क्या मिलता [...]

आत्म आलोचना

इंदिरा गुप्ता
अपनी कमी देखना आसान नही है । व्यवहार में इसका प्रचार नही [...]

दिल जब रोता है…

Ranjeet GHOSI
दिल जब रोता है, तो खुद ही गुनगुना लिया करते हैं ! आंखों से निकलते [...]

कालाधन (व्यंग)

पं.संजीव शुक्ल
आज कई दिनों से कलुआ परेशान है, सभी कह रहे हैं जिन जिनके पास भी काला [...]

हरिया

पं.संजीव शुक्ल
हरिया आज ही कमाये बदे गांव से दिल्ली आवा है।स्टेशन से उतर कर वह [...]

वो बेबाक कवि है

Maneelal Patel मनीभाई
कभी कल्पना की पर लगाये। कभी भटके को डगर दिखाये। कभी करें हंसी [...]

भरें भंडार

maheshjain jyoti
* भरें भंडार * *********** दीप आशा के जलायें दूर ये अँधियार हो । सुरसरी के [...]

🎆🎆विश्व धरा के जन जन को दीपोत्सव मंगलमय हो 🎆🎆

Abhishek Parashar
धवल प्रकाश विखेरे दीपक धरनी पर, अलंकार ज्यों शोभित होते तरुणी [...]

पर-पीड़ा सिखाने आती है

Mahender Singh
**जब पीर पराई हो, वैसे घूमती आई हो, विचलित नहीं होता कोई, परीक्षा की [...]

मन की थकन

पं.संजीव शुक्ल
मन की थकन....... .......................... देखता हू मै जहाँ भी हर ठौर हर गली में तुम ही [...]

आरक्षण का भुत

पं.संजीव शुक्ल
विलुप्त होती प्रतिभा को संजीवनी पीलाओ मेधावी को उसका अधिकार अब [...]

मत रो माँ .आँगन भीग रहा, कहा जलाऊ में फुलझड़ी..

seervi prakash panwar
यह अंधड़ सी क्यों चल रही, दीप जलने क्यों नहीं दे रही, क्यों यह [...]

दीपावली की शुभकामनायें

Laxminarayan Gupta
आये लक्ष्मी लाये उजाला पर उपकार कराये । हर बुराई पैसे से आती यह [...]

सिर्फ चार आना।

संजय गुप्ता
*सिर्फ चार आना* बूढ़े पिता ने खांसते हुए कहा, क्या था वो हमारा [...]

एक और दीवाली

संजय गुप्ता
*एक और दीवाली* अब एक और दीवाली आ गई, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी, दीवाली [...]

जीवन की परिभाषा

संजय गुप्ता
कवि संजय गुप्ता कभी सजना कभी संवरना, कभी मायूस हो जाना। कभी धूप की [...]

दिवाली को मैंने बस यूं अकेले मनते ही देखा है

अनुजा कौशिक
मैंने अब रिश्तो में कटुता देखी है मन में कुंठा दिलों में उदासी [...]

*** दुश्मन-दोस्त ***

भूरचन्द जयपाल
चन्द अल्फ़ाज ही तो है जो दोस्त-दुश्मन बनाते हैं जो [...]

काफिला सजा है

शक्ति राव मणि
काफिला सजा है शायरानो का मेरा जख्मी यार पता पूछता है मयखानो [...]

दीपक जलाते रहें…

शालिनी साहू
दीप जलते रहें जगमगाते रहें हर बरस उत्सव के पल आते रहें! . मिट्टी के [...]

** आलोक पर्व पर **

भूरचन्द जयपाल
दीपों की अवली जिस भांति अमा कालिमा हर जाती हम एक एक बन दीप-पंक्ति [...]

“आज के विद्यार्थी”

अमित मिश्र
जिन्हें जाना था विद्यालय, वो मदिरालय को जाते हैं। जिन्हें गाना था [...]