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!!~ हे गंगा माँ तुझ बिन सब प्यासे ~!!

अजीत कुमार तलवार अगर तू नहीं तो कैसे बुझेगी प्यास इस जग की तू है तो जिदगी है सब की तेरी महत्ता को जानते सब हैं फिर भी दुरूपयोग करते सब हैं न मिले अगर तू [...]

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!! सब की मांग बेटा, बेटी क्यूं नहीं ? !!

अजीत कुमार तलवार
बेटी पैदा होते ही, कुछ प्राणियों को सांप सूंघ जाता है बेटा पैदा [...]

!!~ पान और गुटखा बन्द -शराब क्यूं नहीं ?~~!!

अजीत कुमार तलवार
क्यूं ? नहीं लग जाता पूर्णतया प्रतिबन्ध अब शराब के कारोबार पर भी [...]

*** जल -बिन मीन ***

भूरचन्द जयपाल
रैन गयी रमता-रमता दिवस भयो परभात जिण मिलना था मिली गया वा मिलन री [...]

सियासत

Veerendra Krishna
पिछली सरकारों ने लूटा, हम भी छटपटा रहे हैं काम तो कुछ किया [...]

शादियाँ

Veerendra Krishna
लोग़ कहते हैं...... जिसकी जहां लिखी होती है, वहीं होती है [...]

कैसें जगे स्वराज,हृदय है जब बिन भाव

Brijesh Nayak
भाव बिना गणतंत्र भी, घटना बना सुजान| गुण गायन कर बीर का, भूले दे [...]

आह्वान

सुनील पुष्करणा
आह्वान संस्कृति की गात पर डार, द्रुभ, पात-पात पर आज पुनः हम आचार, [...]

करो वंदना स्वीकार प्रभो

शिवदत्त श्रोत्रिय
वासना से मुक्त हो मन, हो भक्ति का संचार प्रभो जग दलदल के बंधन [...]

!!”योगी का डंडे का जोर”!!

अजीत कुमार तलवार
डंडे में कितना जोर होता है यह देख के बंदा मदहोश होता है चैन की बंसी [...]

*** तदबीरें जीने मरने की ***

भूरचन्द जयपाल
हरकते-ए-खदीन देखता हूं जब सोचता हूं इफ्तार-ए-दावत रोज रोज़ा रखकर भी [...]

ये गन्दी राजनीति

ज़ैद बलियावी
ये झूटे वादे रहने दो, ये झूटी वर्दी रहने दो,, हम आंसू पीकर भी चैन से [...]

***बेटी के दोहे***

Dr Meenaxi Kaushik
**बेटी के दोहे***** 1) बांटें खुशी जहान को,बोले मीठे बोल कन्या फिर [...]

नहीं भटकिए आप, मिलेंगे यम कुछ आगे

Brijesh Nayak
आगे मंदिर कृष्ण का, पीछे आश्रम-धाक| आँगन में फिर भी चले, प्रतिदिन [...]

संयोग

रजनी मलिक
"मम्मा !मै कुछ नहीं जानती ,आज हमारे ओल्ड ऐज होम को पूरा एक साल हो गया [...]

कविता मुश्किल नहीं होती

satyendra kumar
कविता मुश्किल नहीं होती ये कभी मुश्किल नहीं होती . तुम जाना अपने [...]

शहीद दिवस

Tejvir Singh
🙏 अमर शहीदों को शत्-शत् नमन् [...]

माँ और पत्थर

Pushpendra Rathore
आज मिली थी मुझे निराला की वही पवित्रा हां वही जो अभी भी तोड़ती है [...]

रात बीती

Pushpendra Rathore
कल रात बड़ी खुशनुमा थी पूनम का चांद चमक रहा था नीले आकाश में [...]

वे बलिदानी मसताने थे

Rita Singh
राजगुरु सुखदेव भगत सिंह आजादी के दीवाने थे , हँसते हँसते गए फँदे [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मत पूछो अंजाम तेरे जाने के बाद! मैं खुद को ढूँढता हूँ पैमाने के [...]

*** मन-मोर ***

भूरचन्द जयपाल
मन-मोर ललचाए किस ओर यह मोर मन जान ना पाए है आतप नहीं ग्रीष्म को ऐसो [...]

II…आजकल बदला ये मौसम…II

संजय सिंह
सोच कर ही वोट दो, या नोट को खर्चा करो l कान से सुन मन गुनो, फिर जा कहीं [...]

” कितना और सजोगी ” !!

Bhagwati prasad Vyas
नख से शिख , अलंकरण है ! सजे सजे से , तन मन हैं ! नज़रों से ऐसा - बाँधा है [...]

शहीदे आज़म भगत सिंह

सुशील भारती
शहीदे आज़म - भगत सिंह आओ याद करें आज़ादी के दीवानों को, आओ याद करें उन [...]

वीर शहीदो को नमन

bharat gehlot
नमन है ऐसे वीरो को जिन्‍होने दुश्‍मन को ललकारा था , कर परीक्षण संसद [...]

जरा याद करो कुर्बानी

विनोद सिन्हा
शहीद दिवस 💐💐💐जरा याद करो कुर्बानी💐💐💐 चले गए जो हँसते [...]

सुसंगति – दोहे

डी. के. निवातिया
दोहे मोल तोलकर बोलिये, वचन के न हो पाँव ! कोइ कथन बने औषधि, कोइ दे [...]

*** ग़ुस्ल कर लूं ***

भूरचन्द जयपाल
ग़ुस्ल कर लूं तेरी स्मित मुस्कान में नहीं टिक पाऊंगा नज़र-पैनी धार [...]

!! जेब गर्म तो रिश्ते गर्म !!

अजीत कुमार तलवार
आजमा लो, जिन्दगी में अगर सच न हो तो बता देना अगर जेब में रखा है [...]

कुंडलिया : शहीदों को सलाम

Radhey shyam Pritam
शहीद दिवस पर करते,शहीदों को सलाम। जिनकी बदोलत है ये,स्वतंत्र अपना [...]