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आओ पेड़ लगायें हम ……..

सत्य भूषण शर्मा आओ पेड़ लगायें हम | धरती को स्वर्ग बनाएं हम || सबको मिले अनोखी छाया, चहूँ ओर हो हरियाली, पक्षियों की गूंजे कलरव , बढ़ती जाये फिर खुशहाली| आओ [...]

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“फ़ितरत”

Dr.rajni Agrawal
"फ़ितरत" गिरगिट से रंग बदलती मुहब्बत को गैर के साथ देख कर [...]

” आहत हो रहा , गिलहरी सा मन ” !!

Bhagwati prasad Vyas
जातियों में बंट गये हैं ! समूहों में डट से गये हैं ! स्वार्थपरता की [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी दिल में ख्वाहिश आ ही जाती है! जख्मों की फरमाइश आ ही जाती [...]

“मन का चोर”

राजेश शर्मा
"मन का चोर" दो भागों में रची कविता है जिसमें एक बाहरी चोर और दूसरी [...]

कोयल

सत्य भूषण शर्मा
कुहू कुहू कर गाती कोयल, सबको खूब रिझाती कोयल| अपनी सुंदर मीठी बोली [...]

रब की इनायत

Hema Tiwari Bhatt
💝रब की इनायत💝 गम भरी दुनिया में,कितने लोग ऐसे हैं दर्द दिल का गीत [...]

ग़ज़ल

Pritam Rathaur
राहों में प्यार की तो सदा बेकली मिली चैन -औ सुकून की न मुझे [...]

मुक्तक “वतन”

Pritam Rathaur
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 मेरा दिल जिग़र जां वतन के लिए है मेरी जिन्दगानी [...]

ग़ज़ल।हो गये अपने पराये लोग सब ।

राम केश मिश्र
ग़ज़ल । हो गये अपने पराये लोग सब । हो गये अपने पराये लोग सब । बेबसी [...]

“ईर्ष्या” (मनोद्गगार)

Dr.rajni Agrawal
"ईर्ष्या" आज शून्य को तकती प्यासी नज़रें कुछ तलाश रही [...]

ग़ज़ल।मुझे आज अपनी कहानी बता दो ।

राम केश मिश्र
ग़ज़ल -'मुझे आज अपनी कहानी बता दो' बह्र -122-122-122-122 (फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन [...]

ग़ज़ल।मुझे हर शख़्स प्यारा है ।

राम केश मिश्र
ग़ज़ल। मुझे हर शक़्स प्यारा है ।। मापनी-1222 1222 1222 1222 किसे मांगू ख़ुदा से [...]

ग़ज़ल।बन गया पत्थर ज़माना ।

राम केश मिश्र
ग़ज़ल (बह्र रहित) बन गया पत्थर ज़माना । दे रहा सबको यहाँ [...]

ग़ज़ल।मेरा यार मुझसे जुदा हो रहा है ।

राम केश मिश्र
गजल/मेरा यार मुझसे ख़फ़ा जो रहा है । वज़्न- १२२-१२२-१२२-१२२ मेरा जख़्म [...]

ऐसा जीवन

Naval Pal Parbhakar
ऐसा जीवन फूलों की भांति खिलता हुआ समीर की भांति बहता हुआ। पानी की [...]

तेरी दीद के बिन न सोया करेगे…

govind sharma
खयालो में तेरे यूँ खोया करेगें, तेरी दीद के बिन न सोया करेंगे, बना [...]

“दण्ड”

aparna thapliyal
नयन आज बहुत खुश था,उसके तेरहवें जन्मदिवस पर मामाजी उपहार में एक [...]

चाँद की रजाई

rekha rani
आज यह बादल क्यों फट गया गरीब की रजाई की तरह। या फिर किसी पांव में [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी दिल मे ख्वाहिश आ ही जाती है! जख्मों की फरमाइश आ ही जाती है! आवाज [...]

नज़र…

sushil sarna
नज़र... मैं पीता नहीं तू पिलाने .लगी है क्यूँ चेहरे से पर्दा हटाने [...]

बेटी

Dr.rajni Agrawal
हाइकु में कविता "बेटी" माँ का सपना,बाबुल के अँगना,जन्मी ये [...]

दफ्तर यहां

विजय कुमार नामदेव
पल रहे अस्तीनों में विषधर यहां। अपनों को ही निकलते अजगर [...]

चाहत

Neelam Sharma
कभी बेरंग गुज़री है कभी बेज़ार गुज़री है तेरी ही चाहतों के सिलसिलों [...]

आशा

Neelam Sharma
आशा कुछ और नहीं सुन ,मेरे हिय, बस तुमसे मिलने की आशा है , हाँ तुम ही [...]

** ग़ज़ल **

भूरचन्द जयपाल
आँखों के आंसुओं से दामन भिगो लिये हम तो यूं कुछ दूर ही टहलने चले [...]

हम के लिये

सतीश तिवारी 'सरस'
'मैं' 'मैं' है और 'तुम' 'तुम' अतः क्योंकर भिड़ना किसी के 'मैं' से? यह [...]

पर्यावरण संरक्षण

Neelam Sharma
पर्यावरण पर मुक्तक कर ऐसा तू कृत्य मनु, वसुधा पर छाये बसंत, खग मृग [...]

बारिश की तरह

प्रतीक सिंह बापना
मेरे दिल ने तुझे हमेशा देखा है बारिश की तरह नाचने को मजबूर करती [...]

दीवारें

Neelam Naveen
दीवारें बहुत लंबी उम्र लेकर आती है इंसान से भी अधिक  पर एक समय के [...]

तनहा हुए हैं आज वो

RASHMI SHUKLA
तनहा हुए हैं आज वो महफ़िल, की जिन्हे आदत थी, शौके मज़बूरी बन गया वो [...]