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ज़िन्दगी तेरी होने लगी है

Bhupendra Rawat ज़िन्दगी तेरी होने लगी है सपनों में तेरे खोने लगी है लब भी नाम तेरा बुदबुदाते है अब तेरी आदत सी होने लगी है कोरे पन्नो में नाम तेरा नज़र [...]

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निडर बन

Bikash Baruah
तू उठ मेरे भाई निडर बन,कर लड़ाई, रोक न ले कदम तू तेरे हाथो है देश की [...]

*ढलती उम्र और बुढ़ापे की दहलीज़**

अनुजा कौशिक
तेरी ढलती उम्र और बुढ़ापे का ज़िक्र तू न डर इंसान..अब ये कैसी है [...]

दीये की बाती …….

seervi prakash panwar
अब उसके बिना जीना दीये की बाती सा लगता! और उसके संग जीना बेवजूद [...]

एक दीपक ही अंधेरा निगल जायेगा

Vindhya Prakash Mishra
बचकर चलते रहो ठोकरें देखकर जमाना कभी तो बदल जायेगा कांटे कितने [...]

खिलिंगे फूल गुलशन में

Bhupendra Rawat
खिलेंगे फूल गुलशन में तुम पास आओ तो जरा गुल फिर होगा गुलज़ार प्यार [...]

गर मै….

Madhumita Bhattacharjee Nayyar
गर मै हवा होती, चहुँ ओर मै बहती रहती, कभी अलसाई सी, कभी पगलाई सी, तुम [...]

प्रकृति

लक्ष्मी सिंह
प्रकृति जो मधुर गीत गाती हैं वो सबको कहाँ सुनाई देती है झरनों की [...]

प्रेम पत्र

Pushpendra Rathore
प्रिय लिख रहा पाती तुमको, इत्रों से महकाया इस को, अक्षर अक्षर [...]

मुक्तक

पं.संजीव शुक्ल
********* मुक्तक ********* ------------------------------------------ जलमग्न हैं धराये विकल जिन्दगी [...]

मेरा कान्हा

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 ललना निहारने मातु यशोदा, अहो भाग्य मैंने पायो कान्हा। [...]

चापलूसी….”एक कला”

रीतेश माधव
चापलूसी ! माना एक बला है किन्तु गज़ब की कला है जो – हर किसी को आती [...]

मनोबल बढ़ाया-सफलता मिली,

Mahender Singh
चलकर देखा है, मैने अपनी चाल से भी तेज.....! फिर भी वक़्त और तकदीर से [...]

क्षिति पर तूफाँ-सा आया ,तलवार हाथ ले निकल पड़ी

बृजेश कुमार नायक
क्षिति पर तूफाँ-सा आया,तलवार हाथ ले निकल पड़ी| देख फिरंगी की छाती [...]

” ————————————- हमको नहीं बहा ले ” !!

Bhagwati prasad Vyas
समझ नहीं कुछ पाए तुझको , खत में क्या लिख डालें ! नाम नाम ही रट पाएं [...]

दिखावटी मदद

पं.संजीव शुक्ल
***** दिखावटी मदद ***** --------^----------^----------^------- फोटोशूट का दौर चलने लगा [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुमसे मुलाकात कभी जो हो जाती है! जैसे दिल में अंगड़ाई रो जाती [...]

बेटी

Bhupendra Rawat
हाइकु 1 बेटा या बेटी ना करो अपमान एक समान 2 बेटी भी होती परिवार की [...]

आपदा

Chandra Prakash
कहर ! प्रकृति का या मानव का प्रकृति पर ? कौन निश्चित करेगा ? कौन [...]

समागम (कविता )

Onika Setia
एक नूर से है सारा जग रौशन, इस पृथ्वी का प्रत्येक [...]

संकल्प से सिद्धि (गीत)

kalipad prasad
संकल्प से सिद्धि’ (गीत) ‘संकल्प से सिद्धि’ का नारा, भारतवर्ष में [...]

दिल लगाया ना होता

Bhupendra Rawat
दिल ने धोखा खाया ना होता नदां दिल तुझसे लगाया ना होता अगर समझता [...]

भगवान ‘को’ मानते हैं, भगवान ‘की’ नहीं।

Neeraj Chauhan
अपने हिसाब से हम भगवान का चुनाव करते है। फिर वो हमारे हो जाते हैं, [...]

“बच्चे को बच्चा ही समझे”

Vindhya Prakash Mishra
किसी ने सच कहा है "बच्चों को बच्चा ही समझे" बडो जैसी अपेक्षाए पालना [...]

🙏 जय कन्हैया लाल की…🙏

तेजवीर सिंह
🌹🌻 जय कन्हैया लाल की 🌻🌹 🌴🌹🌼🌺🌻🌹🌼🌻🌺🌴 जसुदा नें पूत सपूत जनों, [...]

माँ (एक शब्द महान)

Vindhya Prakash Mishra
माँ एक शब्द महान जिससे जन्म लिए इंसान । माँ ममता की खान माँ [...]

चुनरी केशरिया

दाता राम नायक DR
हर्षित होती थी हिमालय के ॐ गुँजन से, देव भूमि में देवों के स्तुति [...]

कृष्ण मुरारी

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹🌹 पाँव पायलिया अधर मुरलिया, छम-छम नाच रहे कृष्ण मुरारी। [...]

🙏अजन्मे कौ अवतरण….🙏

तेजवीर सिंह
🌹🌻 आप सभी को *अजन्मे के अवतरण* की कोटि-कोटि बधाइयाँ 🌻🌹 🌺🌻✏ रास छंद [...]