Feed Posts Books Authors Trending List Grid ruchi sharma 29 Mar 2025 · 1 min read एक अल्प विराम लाइन ख़त्म कर देता है एक अल्प विराम लाइन ख़त्म कर देता है मेरा वो अल्पविराम हो तुम... ना सुख की आस, ना दुख की चिंता मेरा तो सिर्फ सुकून or आराम हो तुम जिंदगी... Quote Writer 2 Share Anop Bhambu 29 Mar 2025 · 1 min read परिवार परिवार प्रेम की मूरत है, संग चले तो दुनिया सूरत है। माँ की ममता, पिता का साया, भाई-बहन का संग सुहाया। जहाँ हर दिल में प्यार बसता, हर आंगन में... Hindi · अनोप भाम्बु · कविता · बाल कविता 5 Share DR. RAKESH KUMAR KURRE 28 Mar 2025 · 1 min read कुछ बातें हमें वक्त पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि खुद ही वह व कुछ बातें हमें वक्त पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि खुद ही वह वक्त के साथ सही हो जाता है । Quote Writer 6 Share The World News 28 Mar 2025 · 3 min read Religious Harmony Week' to be Celebrated Globally on the Birthday of Sauhard Shiromani Sant Dr. Saurabh Pandey 'Religious Harmony Week' to be Celebrated Globally on the Birthday of Sauhard Shiromani Sant Dr. Saurabh Pandey Representatives from Over 100 Countries to Extend Greetings Gorakhpur. The birthday of Sauhard... English · Article · Sant Ssurabh · Sauhard Shiromani · जगत धर्म चक्रवर्ती · धरा धाम इंटरनेशनल 6 Share आलोक पांडेय 28 Mar 2025 · 2 min read दोहा संग्रह — परधन की लालसा 1 परधन की जो चाह रखे, मन से निकले ध्यान। छल से पाया धन सदा, लाये दुख संतान।। 2 लालच भीतर जब बसे, मिटे न तृष्णा प्यास। जितना पाया और... Hindi 6 Share विशाल शुक्ल 28 Mar 2025 · 1 min read लेखनी जीवन में कोई होड़ नहीं ! लेखनी का कोई तोड़ नहीं !! *• विशाल शुक्ल* Hindi · कविता 6 Share ओम प्रकाश श्रीवास्तव 28 Mar 2025 · 1 min read प्रकृति बचाओ नव चौपाला छंद प्रकृति बचाओ *यह नवीन चौपाला छंद मेरे द्वारा ही सृजित किया गया है।जिसके प्रत्येक चरण में 18-18मात्रा होती है तथा चरणान्त में चौकल अनिवार्य है।।* बढ़ी बहुत... Hindi · चौपाला छंद 5 Share AMRESH KUMAR VERMA 28 Mar 2025 · 1 min read कीमत तुम्हें चुकानी होगी समय निकलता रहता है पल पल दिन ढलता रहता है माना तुम्हें अंदेशा न है क्या तुम पल पल खोते हो पर कीमत तुम्हें चुकानी होगी । माना तू नादान... Hindi · Quote Writer 10 Share हरवंश हृदय 28 Mar 2025 · 1 min read बोझ तुम्हारी यादों का : हरवंश हृदय झुकी झुकी सी पलकों पर है बोझ तुम्हारी यादों का झूठी रह गई कसमों का ... रह गए अधूरे वादों का अब तो संभल गया हूं लेकिन जब था मैं... Hindi · HARVANSH · ग़ज़ल · बोझ तुम्हारी यादों का · हरवंश श्रीवास्तव · हरवंश हृदय 1 25 Share Simmy Hasan 28 Mar 2025 · 1 min read तुम रख लेना तुम रख लेना अपने दरों दीवार ये कमरा, ये खिड़की ये दरवाज़े जिनका तुम ताना देते हो ये हमेशा से मेरे लिए जेल ही थे जिनकी चार दिवारी में तुमने... Hindi 6 Share DrLakshman Jha Parimal 28 Mar 2025 · 1 min read آپ سب سے پیار کرتے ہیں، سب خدا کے بندے ہیں! نفرت کے بیج مت ب آپ سب سے پیار کرتے ہیں، سب خدا کے بندے ہیں! نفرت کے بیج مت بوئیں، ہر کوئی اپنا نمائندہ ہے! @parimal Quote Writer 12 Share DrLakshman Jha Parimal 28 Mar 2025 · 1 min read करो तुम प्यार ही सबसे ,सभी आल्हा के बन्दे हैं ! घृणा के बीज करो तुम प्यार ही सबसे ,सभी आल्हा के बन्दे हैं ! घृणा के बीज मत बोओ ,सभी उनके नुमाइंदे हैं ! @परिमल Quote Writer 13 Share sushil sarna 28 Mar 2025 · 1 min read हम दो किनारे हो गए ....... हम दो किनारे हो गए ....... कुछ तुमने बढ़ा ली दूरियां .... कुछ हम मजबूर हो गए // अपने अपने दायरों में ..... हम अपनों से दूर हो गए //... 7 Share Satish Srijan 28 Mar 2025 · 1 min read जय जगदंबा हे अष्टभुजी हे दुर्गा मां, शिव विष्णु ब्रम्हा गुण गायें। नर नारी योगी यती सती, ध्याकर मन चाहा वर पायें। सिंदूर से मांग सुशोभित है, टीका पायल कंगन कुंडल। है... Hindi · नवरात्रि 9 Share डा0 निधि श्रीवास्तव "सरोद" 28 Mar 2025 · 1 min read *सीता-स्वयंवर* *सीता-स्वयंबर* चमके चंदन, दमके काजल, अधरों पर मुस्कान सजी, केशों में महके रातरानी, घनश्याम घटा-सी लट उलझी। माथे की बिंदिया सूर्य सम, मांग सजी सिन्दूरी, कानों में झूमर झनक रहे,... Hindi 1 53 Share sushil sarna 28 Mar 2025 · 1 min read कविता .... कविता .... कविता ! तुम न होती तो प्रेम कभी प्रस्फुटित ही न होता शब्द गूंगे हो गए होते भाव शून्य हो व्योम में खो गए होते तुम ही बताओ... 7 Share Dushyant Kumar 28 Mar 2025 · 1 min read *मांँ मैं तो इंसान बनूंँगा* *मांँ मैं तो इंसान बनूंँगा* इंसानियत को मानूंँगा मैं, मैं तो इंसान बन। रक्षा करूंँगा देश की, सच्चा जांबाज बन। मान रखूंँगा हर महिला का, माता बहन मानकर। मैं तो... Hindi · कविता 1 6 Share पंकज कुमार कर्ण 28 Mar 2025 · 1 min read मुक्तक मुक्तक मेरे तीखे बोल,आग लगा दे पूरे शहर में। जो मीठा बोलूं,अमृत घुल जाए जहर में। मैं तो बिन तैरे ही, कई नदी पार कर लूं; बचपन में खेला करता... Quote Writer 9 Share Ankita Patel 28 Mar 2025 · 1 min read बीज विज्ञान के शून्य से निकलकर अनंत तक जाएंगे संस्कृति संग जीकर तकनीकी सफल बनाएंगे बीज विज्ञान के ऐसे बोना है जो प्रकृति को और हरा- भरा कर दे ज्ञान विज्ञान आत्मसात कर... Hindi · Poem On Science · Science Poem · अंकिता पटेल · हिंदी कविता 7 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 1 min read #क़तआ #क़तआ (मुक्तक)- ■ सारा खेल तसलसुल का। [प्रणय प्रभात] "नज़ाक़त से कहा है जो, नफ़ासत से पढ़ा जाए, अगर ऐसा न हो पूछे कोई, अहसास कैसा है? यही बोलेगा इक... Hindi · प्रणय के मुक्तक 1 6 Share gurudeenverma198 28 Mar 2025 · 1 min read यह मुझको मालूम नहीं यह मुझको मालूम नहीं, और यह बात तुम मुझसे पूछो भी मत, क्योंकि सच तुमको भी मालूम है, कि कल तुम सब मुझसे दूर चले जावोगे, अगर तुम आज मेरे... Hindi · कविता 7 Share Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD 28 Mar 2025 · 1 min read "दिन वसूल है, वसूल है, वसूल है..!" ग़ज़ल "दिन वसूल है, वसूल है, वसूल है..!" हसीं बहुत हैं चमन मेँ,ये मानता हूँ मगर, सिवाय उसके हर गुलाब भी, बबूल है, बबूल है, बबूल है।। मुस्कुराता है सब से... Hindi · ग़ज़ल 1 1 12 Share संजय निराला 28 Mar 2025 · 1 min read भाग्य भरोसे बैठकर, रोते क्यों हो कंत। भाग्य भरोसे बैठकर, रोते क्यों हो कंत। कर्म बदलते भाग्य को, कहते हरदम संत।। संजय निराला Quote Writer 8 Share संजय निराला 28 Mar 2025 · 1 min read मौसम ने करवट लिया, लखकर खुश नादान। मौसम ने करवट लिया, लखकर खुश नादान। कथ देते राशन नहीं, हो इससे अनजान।। संजय निराला Quote Writer 9 Share Kunwar kunwar sarvendra vikram singh 28 Mar 2025 · 1 min read कितना कुछ है मेरे भीतर भावों को तो युँ अक्सर, शब्दों का सहारा मिल जाता है पर कितना कुछ जो है भीतर, भीतर मेरे रह जाता है बात कहूँ जो कोई जुबानी हो जाती वो... Hindi · Hindipoetry_हिंदीकविता_गीत · Kunwarsarvendralove Poetry · Kunwarsarvendravikramsingh · कवि_कुंवरसर्वेंद्र_कीकाविताएं · कितनाकुछहैमेरेभीतर_गीत 1 86 Share Mukesh Kumar Rishi Verma 28 Mar 2025 · 1 min read रचना हे भगवान! ------------- हे भगवान ! तुम्हें नमन करूं तुम्हें प्रणाम करूं तुम्हें आंखों में बसा लूं तो, तुम्हें सांसों में समा लूं तो । हे भगवान ! तुम्हें नमन... 7 Share Sakhawat Jisan 28 Mar 2025 · 1 min read আমরা সেই দুর্ভাগা সমাজের অংশ আমরা সেই দুর্ভাগা সমাজের অংশ যেখানে সৌন্দর্যের মানে হল ফর্সা গায়ের রঙ, বুদ্ধিমত্তার মাপকাঠি হলো ইংরেজি ভাষা আর শিক্ষার মাপকাঠি হলো শুধু একটি সরকারি চাকরি! Quote Writer 8 Share bhandari lokesh 28 Mar 2025 · 1 min read चलो! स्वयं के दोस्त बनें खुद अपनी खुशियों का स्रोत बनें चलो स्वयं के दोस्त बनें यह दुनियाँ बस मोह माया है यहाँ अपना भी पराया है सब छोड़ छाड़ एकांतवास में आओ स्वयं की... Hindi · कविता 1 11 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 1 min read 🙅छुटभैया की मांग🙅 🙅छुटभैया की मांग🙅 हिंदी वर्णमाला में "ब" से "बकरी" को बदल कर "ब" से "बम्बू" किया जाए। 😊प्रणय प्रभात😊 Quote Writer 1 9 Share हिमांशु Kulshrestha 28 Mar 2025 · 1 min read जो न आ सको जो न आ सको अपनी तस्वीर भेज देना, चंद लफ्जों में झूठ ही सही इश्क़ की तहरीर भेज देना। जो होता मेरे साथ मेरा हमसफर तो कोई दर्द न था,... Quote Writer 7 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 1 min read 🙅आज का दोहा🙅 🙅आज का दोहा🙅 लिक्खा-पढ़ा विदेश में, फिर भी रहा गंवार। बिना तोल के बोलता "टोंचो" टोपीदार।। 【टोंचो बोले तो टोंटीचोर】 😊प्रणय प्रभात😊 Hindi · प्रणय के दोहे 1 8 Share संजय निराला 28 Mar 2025 · 1 min read वसंत ऋतु वसंत ऋतु तन्मय सभी बसंत में, नहीं समय है पास | वो कैसे लेखे भला , टूट रही जो सांस || ठूँठ हुये हैं तरु यहाँ , वन भी हो... 9 Share डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि' 28 Mar 2025 · 1 min read कफ़स में कै़द चालाकियां एक मौलिक नज़्म आपकी मुहब्बतों के हवाले । *नज़्म* **** खामोशियाँ देखो आज जश्न मनाने लगी है, कल तो जैसे मातम था ऐसे बताने लगी है। ========================== बैचेनियों ने शायद... Hindi 7 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 0 min read .. .. Quote Writer 1 8 Share संजय निराला 28 Mar 2025 · 1 min read सृष्टिकार करतार है, राघव हरि अवतार। सृष्टिकार करतार है, राघव हरि अवतार। मान इसे ही लोग तो,देते कर्म नकार।। देश बँटा ले जात को, स्वाद किये विस्तार। राघव का वैराग्य तो, हुआ सभी बेकार।। अंधभक्त जनता... Quote Writer 13 Share ललकार भारद्वाज 28 Mar 2025 · 1 min read विफलता को ज्ञान और फिर उस ज्ञान को सफलता में बदलते रहिए। नाक विफलता को ज्ञान और फिर उस ज्ञान को सफलता में बदलते रहिए। नाकामी इतनी बुरी नहीं होती बल्कि इसमें महत्वपूर्ण सबक होते हैं जो हमारे ज्ञान और अनुभवों का दायरा... Quote Writer 7 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 1 min read 🙅आसान उपाय🙅 #टोटका- *सनकी व सड़ियल सियासत से प्रेरित।*😊 🙅आसान उपाय🙅 घर की दीवार पर लटके कैलेंडर में "मार्च" के पन्ने की जगह "जनवरी" का पन्ना सेट कर दें। गर्मी दिसम्बर तक... Hindi · Quote Writer · कटाक्ष 1 8 Share अरशद रसूल बदायूंनी 28 Mar 2025 · 4 min read स्क्रीन टाइम और सेहत आज की डिजिटल दुनिया में स्क्रीन का उपयोग लगभग हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। Statista (2024) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ता प्रतिदिन औसतन... Hindi · लेख 11 Share डॉ कुलदीपसिंह सिसोदिया कुंदन 28 Mar 2025 · 2 min read क्षत्रियत्व के सम्मान में इब्राहिम लोदी व बाबर जैसे म्लेच्छ विदेशी आक्रांताओं को सबक सिखाने वाले अद्भुत शौर्य साहस व पराक्रम के धनी वीर शिरोमणि महाराणा सांगा जी के विरुद्ध बोलने वाले राजनीतिक सपोलों... 7 Share Surinder blackpen 28 Mar 2025 · 1 min read वजह तो बताते इनकार की वजह तो बताते तुम। नाराजगी क्यूं है ये समझाते तुम। बेवफाई की ,या लड़ाई की हमने कोरे कागज़ पे ख़ता लिखवाते तुम। बात बेबात पे , ख़फ़ा होते... Hindi · कविता 9 Share सुरेश कुमार चतुर्वेदी 28 Mar 2025 · 1 min read चैत मास चैतन्य है, गर्मी रहा बढ़ाय। चैत मास चैतन्य है, गर्मी रहा बढ़ाय। सोच समझ कर खाइये, ताजा जो मन भाय।। ताजा जो मन भाय, पानी निर्मल पीना। ऋतु अनुसार विचार, सात्विक जीवन जीना।। शुद्ध सात्विक... Quote Writer 25 Share *प्रणय प्रभात* 28 Mar 2025 · 1 min read GM GM Quote Writer 1 8 Share Raj kumar 28 Mar 2025 · 1 min read मुक्तक मुक्तक --------- खिलौना टूट जाने से मनोबल टूटता है क्या, तुम्हारे रूठ जाने से यह दामन छूटता है क्या । कहते हैं कि पढ़कर के जो तुम प्राप्त कर लोगे,... Quote Writer 152 Share RAMESH SHARMA 28 Mar 2025 · 1 min read चली गई जब बुद्धि ही,जिसकी चरने घास चली गई जब बुद्धि ही,जिसकी चरने घास । भले- बुरे का फिर उसे, रहे न कुछ आभास ।। रमेश शर्मा Hindi · दोहा 1 28 Share अरशद रसूल बदायूंनी 28 Mar 2025 · 4 min read आधुनिकता बनाम परंपरा सामाजिक भटकाव: आधुनिकता बनाम परंपरा मनुष्य स्वभाव से जिज्ञासु और प्रयोगशील है। वह हमेशा नई चीजों की तलाश में रहता है। नए आविष्कार करता है और पुराने तरीकों को छोड़कर... Hindi · लेख 11 Share DR ARUN KUMAR SHASTRI 28 Mar 2025 · 1 min read करता ने कर्म से कहा डॉ अरूण कुमार शास्त्री एक अबोध बालक अरूण अतृप्त हर कार्य के पीछे कारण छुपा होता है, परिस्थितियों का प्रकरण होता है अदृश्य। सृजन करता वो ऊपरवाला मानुष के अधिकार... 9 Share विनोद सिल्ला 28 Mar 2025 · 1 min read सच की माला फेरते दोहा सच की माला फेरते, करते सच की बात। खंजर घोपें पीठ में, दे कर सच को मात।। साच-साच रटना रटें, रहते सच से दूर। लम्बी-लम्बी हांकते, रहे साच को... Hindi · Doha 8 Share Abhilesh sribharti अभिलेश श्रीभारती 28 Mar 2025 · 4 min read "जिम्मेदारियों के बोझ तलें दबी परदेशी की चाहतें":अभिलेश श्रीभारती सूरज की पहली किरण जब उसकी खिड़की से अंदर आती है, तो उसके चेहरे पर रोशनी तो बिखेरती है, पर दिल में उजाला नहीं कर पाती। यह उजाला वैसा नहीं... Hindi · कहानी · परदेसी · मर्द का दर्द · लेख 1 111 Share Dr fauzia Naseem shad 27 Mar 2025 · 1 min read जीवन दया का आधार हो । जीवन दया का आधार हो । सत्य हमेशा ही स्वीकार हो ।। इंसा का इंसा से बस प्यार हो । घृणा का कोई न अंधकार हो ।। - Dr fauzia... Quote Writer 2 14 Share Dr fauzia Naseem shad 27 Mar 2025 · 1 min read ज़िंदगी पा के ज़िंदगी पा के तुझको खोया है। सोच कर दिल भी मेरा रोया है ।। अहमियत उससे पूछो ख़्वाबों की। नींद जो अपनी कभी न सोया है ।। डाॅ फौज़िया नसीम... Quote Writer 2 13 Share Page 1 Next