गीत
पहले के गीत सुने और सुनाए जाते थे !
उनके हर शब्द गुने और गुनगुनाए जाते थे !!
पर पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण से !
फैशन के दौर में बदलाव आ गया है !!
अब गीत सुनने-गुनने की जगह
देखे और दिखाए जा रहे है !
क्योंकि अश्लील से अश्लील दृश्य
गीतों में फिल्माए जा रहे है !!
• विशाल शुक्ल