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19 Dec 2024 · 1 min read

ग़ज़ल

आसान तो होता नहीं कुछ भी यहाँ करना मगर
दिल से करो मुश्क़िल नहीं कुछ भी यहाँ वरना मगर//1

होना मुक़र्रर जो यहाँ होगा वही तय मानलो
किस बात से बेक़ार में फिर यार है डरना मगर//2

विश्वास ख़ुद पर कर सदा सारी ख़ुशी इसमें बसी
बस याद इतना ही रहे ख़ुद से नहीं छलना मगर//3

तेरी सुने तेरा हुआ सुनता नहीं छोड़ो उसे
पर प्यार से सबसे सदा हँसके यहाँ मिलना मगर//4

आँसू हँसी गहने समझ नाराज़ इनसे हो नहीं
हर मर्म से पाकर अदा खिलके सदा चलना मगर//5

दौलत मिली शोहरत मिली मिल ही गया अंबर अगर
पर दोस्तों से हँस सदा दिल से सुनो मिलना मगर//6

करना मदद क़िस्मत समझ सबसे ज़ुदा क़िरदार है
जो भी निभा चलता चला उससे वफ़ा करना मगर//7

आर. एस. ‘प्रीतम’

Language: Hindi
1 Like · 80 Views
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