Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Oct 2024 · 1 min read

मरना क्यों?

कुछ लोग मर जाते हैं
कुछ लोग इंकार कर देते हैं
मरने से
अंततः मरना उन्हें भी पड़ता है
जो इंकार कर देते हैं।
उन्हें दुनिया समझती है आदर्श
और सिद्धांतों का पुरोधा
विचारों का संवाहक जो ला सकते थे
समाज में बदलाव
भड़का सकते थे ज्वाला क्रांति की
उठ खड़ी होता है मशालें लेकर समाज
अपना मसीहा मानते हुए
जो कर देते हैं इंकार मरने से।
मरना मात्र शरीर का
होता नहीं निष्प्राण होना
ज़िंदगी में आया लिजलिजापन बर्दाश्त करना
होता है मौत से भी बदतर।
लोगों के कंधों पर शव की सवारी
निकालने से बेहतर है
दिमागों में घुस जाओ फितूर की तरह
इंकार करके मरने से।

डाॅ बिपिन पाण्डेय

Language: Hindi
116 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

2861.*पूर्णिका*
2861.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*राम का आगमन*
*राम का आगमन*
Pallavi Mishra
मानव निर्मित रेखना, जैसे कंटक-बाड़।
मानव निर्मित रेखना, जैसे कंटक-बाड़।
डॉ.सीमा अग्रवाल
रिश्ता मेरा नींद से, इसीलिए है खास
रिश्ता मेरा नींद से, इसीलिए है खास
RAMESH SHARMA
गुरुवर डे (शिक्षक दिवस)
गुरुवर डे (शिक्षक दिवस)
जय लगन कुमार हैप्पी
पश्चाताप
पश्चाताप
Sudhir srivastava
*आसमाँ से धरा तक मिला है चमन*
*आसमाँ से धरा तक मिला है चमन*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
वजह तो बताते
वजह तो बताते
Surinder blackpen
धर्म रक्षक (35)
धर्म रक्षक (35)
Mangu singh
सजग  निगाहें रखा करो  तुम बवाल होंगे।
सजग निगाहें रखा करो तुम बवाल होंगे।
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
मंजिलों की तलाश में रास्ते पर भटकता रहा जब होश आया, तो पता च
मंजिलों की तलाश में रास्ते पर भटकता रहा जब होश आया, तो पता च
Abhilesh sribharti अभिलेश श्रीभारती
है यह भी एक सत्य
है यह भी एक सत्य
उमा झा
नींद!
नींद!
Pradeep Shoree
*आत्मविश्वास*
*आत्मविश्वास*
Ritu Asooja
ଏହି ମିଛ
ଏହି ମିଛ
Otteri Selvakumar
"सहारा"
Dr. Kishan tandon kranti
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
शिक़ायत है, एक नई ग़ज़ल, विनीत सिंह शायर
शिक़ायत है, एक नई ग़ज़ल, विनीत सिंह शायर
Vinit kumar
होता है हर किसी को किसी बीती बात का मलाल,
होता है हर किसी को किसी बीती बात का मलाल,
Ajit Kumar "Karn"
बस अपनी बात मनवाने आती है।
बस अपनी बात मनवाने आती है।
Iamalpu9492
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
Phool gufran
इश्क़
इश्क़
Rashmi Sanjay
नाराज़गी भी हमने अपनो से जतायी
नाराज़गी भी हमने अपनो से जतायी
Ayushi Verma
समझदार बनकर मौन रहना
समझदार बनकर मौन रहना
Meera Thakur
रिश्ते की नियत
रिश्ते की नियत
पूर्वार्थ
मायने लफ़्ज़ के नहीं कुछ भी ,
मायने लफ़्ज़ के नहीं कुछ भी ,
Dr fauzia Naseem shad
कभी-कभी
कभी-कभी
Ragini Kumari
💐श्री राम भजन💐
💐श्री राम भजन💐
Khaimsingh Saini
*राम-राम कहकर ही पूछा, सदा परस्पर हाल (मुक्तक)*
*राम-राम कहकर ही पूछा, सदा परस्पर हाल (मुक्तक)*
Ravi Prakash
रमेशराज के 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में 7 बालगीत
रमेशराज के 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में 7 बालगीत
कवि रमेशराज
Loading...