साहित्यपीडिया का जादू ,10 दिन में पुस्तक मेरे हाथ में
दर्द से खुद को बेखबर करते ।
मजदूर दिवस मनाएं
Krishna Manshi (Manju Lata Mersa)
हरी भरी थी जो शाखें दरख्त की
तिरंगा फहरा ले रे । खुशियों को मना ले रे।
हे माँ अम्बे रानी शेरावाली
चुनाव के बाद में ___ घनाक्षरी
प्रस्तुति : ताटक छंद
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
मैं हर रोज़ देखता हूं इक खूबसूरत सा सफ़र,
किसी चित्र में रंग भरने पर जिस भांति चमक आ जाती है वैसे ही स
दाढ़ी में तेरे तिनका है, ओ पहरे करने वाले,
Lets become unstoppable... lets break all the walls of self
*प्राण-प्रतिष्ठा सच पूछो तो, हुई राष्ट्र अभिमान की (गीत)*
वही व्यक्ति आपका मित्र है जो आपकी भावनाओं की कद्र करे और आपक
गौ नंदिनी डॉ विमला महरिया मौज
जिंदगी और जीवन तो कोरा कागज़ होता हैं।
"जिन्दगी के कुछ रिश्ते हमेशा दिलो में बसा करते है।"
एक लम्बा वक्त गुजर गया जाने-अनजाने में,
उम्र भर बस यही मलाल रहेगा ,