Bhupendra Rawat 366 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Bhupendra Rawat 23 Mar 2025 · 3 min read रोहन की समझदारी: एक स्कैम से बचाव की प्रेरणादायक कहानी रोहन की समझदारी: एक स्कैम से बचाव की प्रेरणादायक कहानी एक दिन रोहन अपनी मम्मी के फोन में गेम खेल रहा था। उसकी आदत थी कि वह गेम खेलते समय... Hindi · कहानी 1 32 Share Bhupendra Rawat 18 Jan 2025 · 1 min read मैने जो किस्से लिखे है मैने जो किस्से लिखे है वो मेरे हिस्से मे आयेंगे दर्द के सैलाब मे भी तबस्सुम खिलाएंगे अगर पढ़ोगी तुम हरेक किस्सा तो रूठे पल याद आयेंगे तुम ही आरम्भ... Hindi · कविता 1 50 Share Bhupendra Rawat 17 Jan 2025 · 1 min read आरम्भ से अंत तक का सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा आरम्भ से अंत तक का सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा दिल मे मेरे तेरा नाम यूँ ही पलता रहेगा ख्वाबों मे तेरा वज़ूद अक़्सर छलता है मुझे अंतिम सांस तक... Quote Writer 2 40 Share Bhupendra Rawat 16 Jan 2025 · 1 min read बुरा वक़्त अब बेखबर हो रहा है बुरा वक़्त अब बेखबर हो रहा है माँ की दुआओं का शायद असर हो रहा है ना जादू है, ना दवाओं का इल्म है उसके पास माँ की दुआओं से... Quote Writer 35 Share Bhupendra Rawat 12 Jan 2025 · 1 min read असलियत को छुपाने वाले अक़्सर मुखोटा लगाते है असलियत को छुपाने वाले अक़्सर मुखोटा लगाते है झूठी हमदर्दी जता कर वो हमदर्द बन जाते है गिर जाते है वो दूजो को नीचा दिखाने के लिए झूठ बोल जो... Quote Writer 1 40 Share Bhupendra Rawat 11 Jan 2025 · 1 min read मैं प्यार का इकरार कैसे करता मैं प्यार का इकरार कैसे करता मैं खुशी का इज़हार कैसे करता तूने छोड़ दिया था मुझे मंझधार मे तो, मैं तेरा इंतज़ार कैसे करता Quote Writer 1 59 Share Bhupendra Rawat 9 Jan 2025 · 1 min read अक़्सर थक कर हार जाते है जो लोग अक़्सर थक कर हार जाते है जो लोग मंज़िलों तक रास्ते नहीं बना पाते वो लोग तिमीर को बनाकर अपनी राह का साथी क़िस्मत का दीपक नहीं जला पाते है... Quote Writer 1 43 Share Bhupendra Rawat 8 Jan 2025 · 1 min read चुप्पी मैंने साध ली है चुप्पी मैंने साध ली है रिश्तों को परखने लगा हूँ मै मौन हूँ, इस भीड मे अब लेकिन फिर भी लोगों को खटकने लगा हूँ मै Quote Writer 1 95 Share Bhupendra Rawat 7 Jan 2025 · 1 min read बोलने से पहले अक़्सर सोचता हूँ, मैं बोलने से पहले अक़्सर सोचता हूँ, मैं नाजाने क्यों ख़ुद को इतना खरोंचता हूँ, मैं हर्फ़ों पर साधकर चुप्पी अपने अश्रु ख़ुद के स्वयं पोछता हूँ, मैं Quote Writer 1 85 Share Bhupendra Rawat 5 Jan 2025 · 1 min read मैं छुपा नहीं सकता मैं छुपा नहीं सकता तुमसे मायूसी अपनी इसलिए मैंने गढा है तुम्हे कोरे पन्नों मे मैंने रचा है तुम्हें कविताओं मे लिखी है, कहानी और उपन्यास मेरी हर एक रचना... Quote Writer 1 150 Share Bhupendra Rawat 2 Jan 2025 · 1 min read एक अरसा एक अरसा जो बिता तेरे बिना आज अहबाब भी तेरे अलम से आरास्ता दिखा अहबाब (दोस्तों का ग्रुप) अलम (दुःख) आरास्ता (सजा हुआ) Quote Writer 1 102 Share Bhupendra Rawat 1 Jan 2025 · 1 min read अतीत की बुरी यादों को छोड़ अतीत की बुरी यादों को छोड़ गुजरे वर्ष को अलविदा करते है गिले शिकवे भूलकर रिश्तों की फिर से नींव भरते हैं गुजरे वक़्त के खूबसूरत पलो को संजोकर हम... Quote Writer 1 103 Share Bhupendra Rawat 1 Jan 2025 · 1 min read नववर्ष के रंग मे ढ़लते है अतीत की बुरी यादों को छोड़ गुजरे वर्ष को अलविदा करते है गिले शिकवे भूलकर नए रिश्तों की नींव भरते हैं गुजरे वक़्त के खूबसूरत पलो को संजोकर हम सब... Hindi · Happy New Year · New Beginning 1 214 Share Bhupendra Rawat 4 Dec 2024 · 1 min read बेरोजगार रोजगार शब्द मे 'बे' उपसर्ग जोड़कर बनाया गया एक नया शब्द, बेरोजगार शुरुआत मे 'बे' अक्षर के मायने थे, कुछ अलग जैसे कि दिलासा, सहानूभूति इत्यादि परंतु, गुजरते वक़्त के... Hindi 1 1 129 Share Bhupendra Rawat 8 Apr 2024 · 1 min read आस्था के प्रतीक है, राम आस्था के प्रतीक है, राम लेकिन, क्या राम का भवन बनने से राम राज्य बन जायेगा? भगवा धारण करके क्या, कलयुगी मनुष्य राम बन पायेगा? राम का ध्वज फहराने से... 1 197 Share Bhupendra Rawat 18 Mar 2024 · 1 min read तेरे बिन घर जैसे एक मकां बन जाता है तेरे बिन घर जैसे एक मकां बन जाता है तेरे बिन जैसे, वज़ूद मेरा ग़ुम हो जाता है करता हूँ, गुफ़्तगू मैं जब भी तस्वीरों से तेरी फ़क़त खामोशी का... Quote Writer 1 393 Share Bhupendra Rawat 14 Mar 2024 · 1 min read रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है रिश्तों को अब आजमाने लगी है रिश्तों में करके, पैदा मतभेद दीमक बन रिश्तों को खाने लगी है Quote Writer 1 306 Share Bhupendra Rawat 12 Mar 2024 · 1 min read अब मै ख़ुद से खफा रहने लगा हूँ अब मै ख़ुद से खफा रहने लगा हूँ मैं तेरी यादों का बोझ सहने लगा हूँ ख़ुद को भूलाकर, तन्हा रास्तों में, मैं मयकशी बन मैकदे मे रहने लगा हूँ Quote Writer 1 393 Share Bhupendra Rawat 11 Mar 2024 · 1 min read मैं ख़ुद से ज्यादा तुझसे प्यार करता हूँ मैं कोशिशें हज़ार करता हूँ मैं ख़ुद के दिल में ही वार करता हूँ तेरी जुस्तजू में हूँ आज तलक तेरे दिए वादे पर आज भी एतबार करता हूँ बड़ा... Gazal ग़ज़ल 1 611 Share Bhupendra Rawat 7 Mar 2024 · 1 min read पुकारती हुई पुकार आज खो गयी है कही पुकारती हुई पुकार आज खो गयी है कही ऐसा प्रतीत होता है विलुप्त हो गयी है कही अब उस आवाज़ को सुनने को जगमगाती रहती है लालसा हर किसी से... 1 918 Share Bhupendra Rawat 6 Mar 2024 · 1 min read We make Challenges easy and We make Challenges easy and remove thorn from the way by putting some efforts with positive thinking. Quote Writer 1 484 Share Bhupendra Rawat 6 Mar 2024 · 1 min read उलझा हूँ, ज़िंदगी की हरेक गुत्थियाँ सुलझाने में उलझा हूँ, ज़िंदगी की हरेक गुत्थियाँ सुलझाने में जब से दस्तक दी है दर्द ने मेरे सिराने में बड़ी मशक्कत से पाला था मैंने एक भ्रम ठोकरों ने बताया,नही होता,अपना... Hindi 1 115 Share Bhupendra Rawat 5 Mar 2024 · 1 min read सज्जन पुरुष दूसरों से सीखकर सज्जन पुरुष दूसरों से सीखकर अपनी कमियों और अवगुणों में सुधार करते है। बल्कि, अपनी कमियों को छिपाकर दूसरों से ईर्ष्या करना, मूर्खों का काम है Quote Writer 1 576 Share Bhupendra Rawat 4 Mar 2024 · 1 min read We just dream to be rich We just dream to be rich but we didn't put efforts to become rich We get motivate for a while after listen to any motivational speaker But we don't take... Quote Writer 2 497 Share Bhupendra Rawat 3 Mar 2024 · 1 min read विकास की जिस सीढ़ी पर विकास की जिस सीढ़ी पर आज हम अग्रसर है उस सीढ़ी का अंतिम पायदान विनाश पर जाकर रुकता है। Quote Writer 1 383 Share Bhupendra Rawat 2 Mar 2024 · 1 min read तेरी यादों ने इस ओर आना छोड़ दिया है तेरी यादों ने इस ओर आना छोड़ दिया है तेरे गम मे हमने भी मुस्कुराना छोड़ दिया है हम चेहरे पर नक़ाब ओढ़े बैठे हैं जब से तेरे गम ने... Quote Writer 1 205 Share Bhupendra Rawat 29 Feb 2024 · 1 min read संघर्ष ज़िंदगी को आसान बनाते है संघर्ष ज़िंदगी को आसान बनाते है ज़िंदगी के पथ से कांटे हटाते है जो घबराते है जीवन के संघर्षो से वो ख़ुद के जीवन को बोझ बनाते है Quote Writer 2 269 Share Bhupendra Rawat 28 Feb 2024 · 1 min read कालः परिवर्तनीय: कालः परिवर्तनीय: मनुष्यः परिवर्तय वक़्त बदलते ही इंसान बदल जाता है Quote Writer 3 326 Share Bhupendra Rawat 27 Feb 2024 · 1 min read इंसान इंसानियत को निगल गया है इंसान इंसानियत को निगल गया है स्वार्थ के खातिर अपनों को ही छल गया है पत्थर से कर दुआ, मांगता है रहम अब रंग इंसान का भी बदल गया है Quote Writer 1 588 Share Bhupendra Rawat 26 Feb 2024 · 1 min read मेरे पास, तेरे हर सवाल का जवाब है मेरे पास, तेरे हर सवाल का जवाब है मेरे पास, तेरे हर जख्म का इलाज़ है मैं तेरी यादों की पोटली संजोये बैठा हूँ तेरी चाहत में, रूह भी आज... Quote Writer 1 513 Share Bhupendra Rawat 25 Feb 2024 · 1 min read ख्वाबों में भी तेरा ख्याल मुझे सताता है ख्वाबों में भी तेरा ख्याल मुझे सताता है तेरा रूठ जाना मुझे नही भाता है कर देता है जीना दूभर मेरा भी कोई काँटा जैसे सीने में चुभ सा जाता... Quote Writer 1 519 Share Bhupendra Rawat 24 Feb 2024 · 1 min read तुम मुझे यूँ ही याद रखना तुम मुझे यूँ ही याद रखना रूह की माफिक तुम मुझे अपने साथ रखना हो जाऊँ गर,गुम दुनिया की भीड़ में कभी तो अपनी यादों में मुझे आबाद रखना Quote Writer 3 462 Share Bhupendra Rawat 23 Feb 2024 · 1 min read किताबों से ज्ञान मिलता है किताबों से ज्ञान मिलता है ज्ञान से सम्मान मिलता है जो करता नहीं कद्र किताबों की जीवन की राह में उन्हें अंधकार मिलता है Quote Writer 2 391 Share Bhupendra Rawat 22 Feb 2024 · 1 min read ज़िंदगी एक कहानी बनकर रह जाती है ज़िंदगी एक कहानी बनकर रह जाती है शब्दों की रवानी बनकर रह जाती है समेटता हूँ, जब मैं ज़िंदगी के किस्सों को यादों की एक निशानी बनकर रह जाती है Quote Writer 2 539 Share Bhupendra Rawat 21 Feb 2024 · 1 min read ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है ज़िंदगी मेरी, तेरी कहानी बनकर उभरी है मैंने कुरेदा है जब भी अपने जख्मों को मेरी ज़िंदगी तेरी निशानी बनकर उभरी है Quote Writer 3 445 Share Bhupendra Rawat 20 Feb 2024 · 1 min read मैंने आईने में जब भी ख़ुद को निहारा है मैंने आईने में जब भी ख़ुद को निहारा है उतनी दफा मैंने तुझ को पुकारा है अग़्यारों के बीच असफ़ार में रह कर तेरी जूस्तजू मैं मैंने दिन अपना गुज़ारा... Quote Writer 1 365 Share Bhupendra Rawat 19 Feb 2024 · 1 min read पहला श्लोक ( भगवत गीता ) पहला श्लोक ( भगवत गीता ) कुरुछेत्र में कौरवों और पांडवो की सेना पहुंची जब महाराज धृतराष्ट्र ने संजय से पूछा तब संजय ने श्री कृष्ण द्वारा दी गयी अपनी... Hindi · Quote Writer 2 819 Share Bhupendra Rawat 18 Feb 2024 · 1 min read मैं ज़िंदगी के सफर मे बंजारा हो गया हूँ मैं ज़िंदगी के सफर मे बंजारा हो गया हूँ लोगों को लगता है कि आवारा हो गया हूँ ज़िंदगी की सीख मिली है मुझे ठोकरों से अब मैं ख़ुद की... Quote Writer 2 782 Share Bhupendra Rawat 17 Feb 2024 · 1 min read ज़िंदगी ने अब मुस्कुराना छोड़ दिया है ज़िंदगी ने अब मुस्कुराना छोड़ दिया है हंसी के मुखौटो को ग़म ने तोड़ दिया है फुर्सत से बैठी है उदासी ज़िंदगी में ग़म-ए-हयात ने भी अब रिश्ता जोड़ दिया... Quote Writer 1 596 Share Bhupendra Rawat 16 Feb 2024 · 1 min read माँ जब भी दुआएं देती है माँ जब भी दुआएं देती है ज़िंदगी फिर सदाएं देती है जो करता है तिरस्कार माँ का ज़िंदगी भी उसे जिल्लत और बद्दुआएं देती है Quote Writer 1 510 Share Bhupendra Rawat 15 Feb 2024 · 1 min read ज़िंदगी को मैंने अपनी ऐसे संजोया है ज़िंदगी को मैंने अपनी ऐसे संजोया है माला में मोती जैसे फिर से पिरोया है गुजरे हुए लम्हों को मैंने समेटकर खुद को मैंने अश्क़ों के समुंदर मे डुबोया है Quote Writer 1 279 Share Bhupendra Rawat 14 Feb 2024 · 1 min read मैं एक फरियाद लिए बैठा हूँ मैं एक फरियाद लिए बैठा हूँ मैं एक झूठी आस लिए बैठा हूँ जख्मों के इस बाज़ार में, मैं दर्द दर्द भरी पुकार लिए बैठा हूँ Quote Writer 1 443 Share Bhupendra Rawat 13 Feb 2024 · 1 min read जब भी तू मेरे दरमियाँ आती है जब भी तू मेरे दरमियाँ आती है तब तब मुझे तन्हा कर जाती है पूछता हूँ जब भी मैं पता तेरा ख्वाबों में ही अपना आशियाना बताती है Quote Writer 1 480 Share Bhupendra Rawat 12 Feb 2024 · 1 min read तुझे भूलना इतना आसां नही है तुझे भूलना इतना आसां नही है तेरे दिये जख्मों का कोई निशां नहीं है मैंने पाला है ख़ुद को काँटों में रखकर तेरी यादों का अब यहाँ कोई काम नहीं... Quote Writer 1 418 Share Bhupendra Rawat 11 Feb 2024 · 1 min read अगर, आप सही है अगर, आप सही है और दुनिया को सिर्फ ये बात सिद्ध करने के लिए बहस कर रहे है तो आप अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे है। क्योंकि आप स्वयं... Quote Writer 1 434 Share Bhupendra Rawat 10 Feb 2024 · 2 min read विद्यार्थी और विभिन्न योग्यताएँ अक्सर हम अपने बच्चों की छोटी छोटी उपलब्धियों पर खुश या उन्हें मोटीवेट करने की वज़ह हम उनकी तुलना अन्य बच्चों से करने लगते है। जिसके कारण बच्चों में हीन... Hindi · लेख शिक्षा · शिक्षा 1 461 Share Bhupendra Rawat 7 Feb 2024 · 3 min read बढ़ती उम्र के साथ मानसिक विकास (बदलाव) समस्या और समाधान प्रकृति से हम सब भलीभाँति वाकिफ़ है। और हम सब यह भी जानते है कि बदलाव प्रकृति का नियम है। बदलाव कि सीढ़ी पर चलकर ही आज हम सब विकास... Hindi 2 450 Share Bhupendra Rawat 5 Feb 2024 · 2 min read तकनीकी युग मे स्वयं को यंत्रो से बचाने के उपाय आधुनिक युग के यंत्रो ने हमे जिस तरह से अपने अधीन कर लिया है। ऐसी स्थिति मे इन यंत्रो से दूरी बनाए रख पाना अपने आप मे एक चुनौती है।... Hindi · लेख · लेखयंत्रटेक्नोलोजीतकनीकी य 1 956 Share Bhupendra Rawat 26 May 2021 · 1 min read न पूज तू पत्थर को,तू पूज इंसान न पूज तू पत्थर को,तू पूज इंसान इंसानियत को तू ज़िंदा रख ख़ुदा से कर फरमान,ख़ुदा से कर फरामन कि इंसान जिंदा होए,इंसान अगर ज़िंदा होए तो इंसानियत कदापि न... “बरसात” – काव्य प्रतियोगिता · कविता 5 5 728 Share Bhupendra Rawat 25 May 2021 · 1 min read माँ माँ के चरणों में मैंने जन्नत को देखा है। माँ ही वो शख्स है,जिसके लिए मैंने ख़ुदा को तरसते देखा है। माँ ने मेरी खातिर हर मुश्किल को आसां बनाया... “बरसात” – काव्य प्रतियोगिता · कविता 8 4 595 Share Page 1 Next