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रोहन की समझदारी: एक स्कैम से बचाव की प्रेरणादायक कहानी
Bhupendra Rawat

मैने जो किस्से लिखे है
Bhupendra Rawat

आरम्भ से अंत तक का सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा
Bhupendra Rawat

बुरा वक़्त अब बेखबर हो रहा है
Bhupendra Rawat

असलियत को छुपाने वाले अक़्सर मुखोटा लगाते है
Bhupendra Rawat

मैं प्यार का इकरार कैसे करता
Bhupendra Rawat

अक़्सर थक कर हार जाते है जो लोग
Bhupendra Rawat

चुप्पी मैंने साध ली है
Bhupendra Rawat

बोलने से पहले अक़्सर सोचता हूँ, मैं
Bhupendra Rawat

मैं छुपा नहीं सकता
Bhupendra Rawat

एक अरसा
Bhupendra Rawat

अतीत की बुरी यादों को छोड़
Bhupendra Rawat

नववर्ष के रंग मे ढ़लते है
Bhupendra Rawat

बेरोजगार
Bhupendra Rawat

आस्था के प्रतीक है, राम
Bhupendra Rawat

तेरे बिन घर जैसे एक मकां बन जाता है
Bhupendra Rawat

रिश्तों से अब स्वार्थ की गंध आने लगी है
Bhupendra Rawat

अब मै ख़ुद से खफा रहने लगा हूँ
Bhupendra Rawat

मैं ख़ुद से ज्यादा तुझसे प्यार करता हूँ
Bhupendra Rawat

पुकारती हुई पुकार आज खो गयी है कही
Bhupendra Rawat

We make Challenges easy and
Bhupendra Rawat

उलझा हूँ, ज़िंदगी की हरेक गुत्थियाँ सुलझाने में
Bhupendra Rawat

सज्जन पुरुष दूसरों से सीखकर
Bhupendra Rawat

We just dream to be rich
Bhupendra Rawat

विकास की जिस सीढ़ी पर
Bhupendra Rawat

तेरी यादों ने इस ओर आना छोड़ दिया है
Bhupendra Rawat

संघर्ष ज़िंदगी को आसान बनाते है
Bhupendra Rawat

कालः परिवर्तनीय:
Bhupendra Rawat

इंसान इंसानियत को निगल गया है
Bhupendra Rawat

मेरे पास, तेरे हर सवाल का जवाब है
Bhupendra Rawat

ख्वाबों में भी तेरा ख्याल मुझे सताता है
Bhupendra Rawat

तुम मुझे यूँ ही याद रखना
Bhupendra Rawat

किताबों से ज्ञान मिलता है
Bhupendra Rawat

ज़िंदगी एक कहानी बनकर रह जाती है
Bhupendra Rawat

ज़िंदगी मेरी दर्द की सुनामी बनकर उभरी है
Bhupendra Rawat

मैंने आईने में जब भी ख़ुद को निहारा है
Bhupendra Rawat

पहला श्लोक ( भगवत गीता )
Bhupendra Rawat

मैं ज़िंदगी के सफर मे बंजारा हो गया हूँ
Bhupendra Rawat

ज़िंदगी ने अब मुस्कुराना छोड़ दिया है
Bhupendra Rawat

माँ जब भी दुआएं देती है
Bhupendra Rawat

ज़िंदगी को मैंने अपनी ऐसे संजोया है
Bhupendra Rawat

मैं एक फरियाद लिए बैठा हूँ
Bhupendra Rawat

जब भी तू मेरे दरमियाँ आती है
Bhupendra Rawat

तुझे भूलना इतना आसां नही है
Bhupendra Rawat

अगर, आप सही है
Bhupendra Rawat

विद्यार्थी और विभिन्न योग्यताएँ
Bhupendra Rawat

बढ़ती उम्र के साथ मानसिक विकास (बदलाव) समस्या और समाधान
Bhupendra Rawat

तकनीकी युग मे स्वयं को यंत्रो से बचाने के उपाय
Bhupendra Rawat

न पूज तू पत्थर को,तू पूज इंसान
Bhupendra Rawat

माँ
Bhupendra Rawat