मुखौटा

मुखौटा
आज के इस दौर
में अच्छाई का है बहुत टौटा।
जिसको देखो वो पहने है दो चार मुखौटा।
भाव चेहरे के वो पहले दिखाते नही ।
मौका पाते ही चलाते हैं वो सरौता।
बृन्दावन बैरागी”कृष्णा”
मुखौटा
आज के इस दौर
में अच्छाई का है बहुत टौटा।
जिसको देखो वो पहने है दो चार मुखौटा।
भाव चेहरे के वो पहले दिखाते नही ।
मौका पाते ही चलाते हैं वो सरौता।
बृन्दावन बैरागी”कृष्णा”