अटल बिहारी बाजपेयी

अटल बिहारी बाजपेई
वाणी में हुंकार और अभिव्यक्ति दमदार थी
राष्ट्र-हित की भावना,देशभक्ति अपरम्पार थी
हर समय हर हाल में बना रहा गिरि सा अचल
सर्वमान्य सदा बनकर रहे राजनीति में अटल ।
ग्वालियर के लाल थे आदमी बड़े बेमिसाल थे
थे सभी के नयन तारा व्यक्तित्व था कमाल के
राष्ट्र गौरव की भावना से रोम-रोम था भरा हुआ
थे श्यामा के संगी अटल,नेता थे गजब ख्याल के।
कवि, गायक, नेता, प्रणेता शब्द में जादू टोना था
सर्वप्रिय नेता थे देश का जानता कोना कोना था।
संयुक्त राष्ट्र में देकर भाषण विश्व को चौंका दिया
हिंदी का सम्मान जग में शिखर तक पहुँचा दिया।
अदभुत छवि के थे कवि, अनोखा अंदाज था
नेता थे वेसर्वमान्य देश को उन पर नाज था।
देते थे सम्मान सबको थे बहुत हँसदिल सहृदय
निर्भीकता रग-रग में और सहजता था उनको प्रिय|
स्व रचित