दुःख भरा धुंध छट जायेगा
दुःख भरा धुंध छट जायेगा
ये बुरा वक्त भी कट जाएगा
माना कि मुश्किल होता है
इंसान जब कुछ खोता है
दिल तार तार होता है
उजड़ा संसार होता है
इंसान हिम्मत से डट जायेगा
ये बुरा वक्त भी कट जाएगा
रात करवटों में गुज़र जाती है
विरान लगे जहां नज़र जाती है
मुद्दत लग जाते हैं बहलने में
आसान नहीं गिर के समभलने में
देख सूर्य बादल फट जायेगा
ये बुरा वक्त भी कट जायेगा
सर्द मौसम की सितम रहती है
खिजां की ज़माना कम रहती है
शाख़ पर पत्ते नये निकलते हैं
बहार आते फूल,फल सजते हैं
गमों का पहाड़ हट जायेगा
ये बुरा वक्त भी कट जायेगा
नूर फातिमा खातून” नूरी”
जिला -कुशीनगर