सूर्योदय

छट रहा कोहरा अम्बर से !
कामना है नवसंवत्सर से !!
ताप हरे, संताप हरे !
हर पल, हर प्रहर जो !!
ऐसा सूर्योदय हो !
प्रार्थना मेरी दिव्यंबर से !!
• विशाल शुक्ल
छट रहा कोहरा अम्बर से !
कामना है नवसंवत्सर से !!
ताप हरे, संताप हरे !
हर पल, हर प्रहर जो !!
ऐसा सूर्योदय हो !
प्रार्थना मेरी दिव्यंबर से !!
• विशाल शुक्ल