Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 May 2024 · 1 min read

“मेरा जिक्र”

कभी मेरा ज़िक्र छिड़े,
तो कह देना एक मतलबी सा लड़का था, जो बेमतलब मुझसे इश्क़ करता था,
ज़िस्म की चाह नहीं थी उसे बस मेरी रूह पे वो मरता था,
किसी होटल के कमरे तक नहीं, मुझे मंडप तक लेकर जाना चाहता था,
कभी मेरा ज़िक्र छिड़े, तो कह देना एक मतलबी सा लड़का था,
कह देना एक नंबर का नाकारा था, सपने दिखा कर सरहद में कहीं खो जाता था,
झूठा था दर्द में भी मुस्कुराता था,
चोट मुझे लगती तो चीख वो जाता था, बड़ा मतलबी सा लड़का अपनी आँखों में आँसू भी छुपा लेता था,
कह देना बेहया था देख मुझे किसी और के साथ फ़िर भी मुझसे ही इश्क़ करता था,
इस बदलती मोहब्बत के ज़माने में वो मेरी खूबसूरती से नहीं मेरी सादगी से मोहब्बत करता था,
कभी मेरा ज़िक्र छिड़े तो कह देना एक मतलबी सा लड़का था जो बेमतलब मुझसे इश्क़ करता था।
“लोहित टम्टा”💓

151 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.

You may also like these posts

हंस भेस में आजकल,
हंस भेस में आजकल,
sushil sarna
बुंदेली दोहा
बुंदेली दोहा
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
संभावना
संभावना
Ajay Mishra
पड़े बौछार रंगों की फिसलते पाँव फागुन में
पड़े बौछार रंगों की फिसलते पाँव फागुन में
Dr Archana Gupta
Happy Sunday
Happy Sunday
*प्रणय प्रभात*
कविता
कविता
Nmita Sharma
जय गणेश देवा
जय गणेश देवा
Santosh kumar Miri
जीवन का हर पल बेहतर होता है।
जीवन का हर पल बेहतर होता है।
Yogendra Chaturwedi
वर्ण पिरामिड
वर्ण पिरामिड
Rambali Mishra
मर्ज
मर्ज
AJAY AMITABH SUMAN
नेता
नेता
विशाल शुक्ल
प्रण होते है
प्रण होते है
manjula chauhan
इश्क़ की दास्तां
इश्क़ की दास्तां
Lokesh Dangi
डाल-डाल तुम होकर आओ, पात-पात मैं आता हूँ।
डाल-डाल तुम होकर आओ, पात-पात मैं आता हूँ।
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
अपने हाथों से काट रहे थे अपने पाँव,
अपने हाथों से काट रहे थे अपने पाँव,
Anil chobisa
संघर्ष का सफर
संघर्ष का सफर
Chitra Bisht
बेटी
बेटी
पूनम 'समर्थ' (आगाज ए दिल)
जो रास्ते हमें चलना सीखाते हैं.....
जो रास्ते हमें चलना सीखाते हैं.....
दीपक बवेजा सरल
" जब वो "
Dr. Kishan tandon kranti
देख कर उनको
देख कर उनको
हिमांशु Kulshrestha
जानां कभी तो मेरे हाल भी पूछ लिया करो,
जानां कभी तो मेरे हाल भी पूछ लिया करो,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पानी की बूँदे
पानी की बूँदे
Avani Yadav
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
अस्तित्व की ओट?🧤☂️
अस्तित्व की ओट?🧤☂️
डॉ० रोहित कौशिक
ये शिकवे भी तो, मुक़द्दर वाले हीं कर पाते हैं।
ये शिकवे भी तो, मुक़द्दर वाले हीं कर पाते हैं।
Manisha Manjari
*आत्म-मंथन*
*आत्म-मंथन*
Dr. Priya Gupta
मैं कविता लिखता हूँ तुम कविता बनाती हो
मैं कविता लिखता हूँ तुम कविता बनाती हो
Awadhesh Singh
ख़ुद से
ख़ुद से
Dr fauzia Naseem shad
मुझ पे एहसान वो भी कर रहे हैं
मुझ पे एहसान वो भी कर रहे हैं
Shweta Soni
Loading...