Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Dec 2024 · 2 min read

सिय स्वयंबर और भगवान परशुराम का सर्वस्व दान

भगवान परशुराम का सर्वस्व दान–

भगवान परशुराम जी परब्रह्म विष्णु के छठे अवतार थे जो शिव भक्त एव
त्यागी तपस्वी थे वे श्रेष्ठ गुरुओं में एक थे उनके शिष्य भीष्म द्रोण एव कर्ण ब्रह्मांड में सर्वश्रेष्ठ थे प्रस्तुत रचना प्रधुराम जी से सम्बंधित है जब विदेह प्रतिज्ञा के अनुसार भगवान राम ने भगवान शिव का धनुष खंडित किया और उसके खंडित होने की आवाज जब भगवान परशुराम जी ने सुनी तब क्रोधित होकर वह स्वयम्बर में गए और वहाँ लक्ष्मण से कटु संवाद एव राम को विष्णु रूप में पहचानकर अपना सारंग धनुष,तप पूण्य के साथ साथ युग अवतार कि प्रतिष्ठा सब कुछ दान कर दिया गोस्वामी जी के मानस के इसी प्रसंग पर लिखी गयी पैरोडी रचना–

सीय स्वयंवर और परशुराम

सीय स्वयंवर न जाओ
परशु पईया पड़ी
सीय स्वयंवर ना जाओ
परशु पईया पड़ी
सीय स्वयंवर ना जाओ
परशु पईया पड़ी।।

सीय स्वयंवर जो जाओ
परशु जइबे करो
जइबे करो
हां जइबे करो।।

ऋषि दिव्य बन जावो
परशु पईआ पड़ी
ऋषि दिव्य बन जाओ
परशु पईया पड़ी
ऋषि दिव्य बन जाओ
परशु पईया पड़ी।।

सीय स्वयंवर ना जाओ
सीय स्वयंबर ना जाओ
परशु पईया पड़ी
सीय स्वयंवर
ना जाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

सीय स्वयंवर
जो जाओ
तो जइबे करो
तो जइबे करो
हां जइबे करो।।

दिव्य ऋषि बन जाओ
तो जईबे करो
तो जईबे करो
हां जईबे करो।।

सीय स्वयंवर
जो जाओ
तो जाईबे करो
परशु जईबे करो
हां जईबे करो।।

विदेह बन जाओ
परशु पईया पड़ी
विदेह बन जाओ
परशु पईया पड़ी।।

बन विदेह
जाओ जो जाओ
तो जईबे करो
जईबे करो
हां जईबे करो।।

क्रोधाग्नि ना जलाओ
परशु पईया पड़ी
क्रोधाग्नि ना जलाओ
परशु पईया पड़ी
हां पईया पड़ी।।

क्रोधाग्नि जो जगाव तो
जगाईबे करो परशु
जगईबे करो
हां जगईबे करो।।

आशीष जानकी
द्वि भाई दिए
जाओ परशु
पईया पड़ी
आशीष जानकी द्वि भाई
दिए जाओ पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

सीय स्वयंवर ना जाओ
परशु पईया पड़ी
सीय स्वयंवर ना जाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

लाल लखन ना
उलझाव
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

लाल लखन जो
उलझाव तो
उलझईबे करो
उलझईबे करो
उलझईबे करो

सारंग राम ना
सौंप जाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईआ पड़ी
परशु पईया पड़ी

सारंग राम जो
सौंप जाव
सौंवबे करो
तो सौंवबे करो
सौंवपे करो
हां सौंवाबे करो
तप पुण्य न गंवाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी

सीय स्वयंवर न जाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

सीय स्वयंवर जो जाओ
तो जइबे करो
तो जइबे करो
हां जइबे करो।।

गिरी महेंद्र ना जाओ
परशु पईया पड़ी
गिरी महेंद्र न जाओ
परशु पईया पड़ी
परशु पईया पड़ी।।

नंदलाल मणि त्रिपाठी पीतांबर गोरखपुर उत्तर प्रदेश।।

Language: Hindi
115 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
View all

You may also like these posts

4117.💐 *पूर्णिका* 💐
4117.💐 *पूर्णिका* 💐
Dr.Khedu Bharti
मोनालिसा
मोनालिसा
Dr. Kishan tandon kranti
पेड़ पौधे फूल तितली सब बनाता कौन है।
पेड़ पौधे फूल तितली सब बनाता कौन है।
सत्य कुमार प्रेमी
તારા દિલમાં
તારા દિલમાં
Iamalpu9492
किताबों में तुम्हारे नाम का मैं ढूँढता हूँ माने
किताबों में तुम्हारे नाम का मैं ढूँढता हूँ माने
आनंद प्रवीण
एक तमाशा है
एक तमाशा है
Dr fauzia Naseem shad
मां के किसी कोने में आज भी बचपन खेलता हैयाद आती है गुल्ली डं
मां के किसी कोने में आज भी बचपन खेलता हैयाद आती है गुल्ली डं
अश्विनी (विप्र)
कांटों  पर  रहते  हुए  भी  सिफ़त  जुदा  है  ,
कांटों पर रहते हुए भी सिफ़त जुदा है ,
Neelofar Khan
सारा खेल पहचान का है
सारा खेल पहचान का है
सोनम पुनीत दुबे "सौम्या"
घर घर तिरंगा
घर घर तिरंगा
Dr Archana Gupta
खूब तमाशा हो रहा,
खूब तमाशा हो रहा,
sushil sarna
नए मौसम की चका चोंध में देश हमारा किधर गया
नए मौसम की चका चोंध में देश हमारा किधर गया
दीपक बवेजा सरल
शीत ऋतु
शीत ऋतु
Sudhir srivastava
तंद्रा तोड़ दो
तंद्रा तोड़ दो
Mahender Singh
लड़का पति बनने के लिए दहेज मांगता है चलो ठीक है
लड़का पति बनने के लिए दहेज मांगता है चलो ठीक है
शेखर सिंह
लाल दशरथ के है आने वाले
लाल दशरथ के है आने वाले
Neeraj Mishra " नीर "
बाते और जिंदगी
बाते और जिंदगी
पूर्वार्थ
नेता
नेता
विशाल शुक्ल
"शुक्रिया अदा कर देते हैं लोग"
Ajit Kumar "Karn"
नारी अस्मिता
नारी अस्मिता
Shyam Sundar Subramanian
आषाढ़ के मेघ
आषाढ़ के मेघ
Saraswati Bajpai
😡 *प्रसंगवश व्यंग्य* :--
😡 *प्रसंगवश व्यंग्य* :--
*प्रणय प्रभात*
*बच्चों की होली (राधेश्यामी छंद)*
*बच्चों की होली (राधेश्यामी छंद)*
Ravi Prakash
हे राम तुम्हीं कण कण में हो।
हे राम तुम्हीं कण कण में हो।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
राम तत्व
राम तत्व
Dr. Ravindra Kumar Sonwane "Rajkan"
दस्तूर
दस्तूर
Davina Amar Thakral
बेटियाँ अब देश में कैसे जियें।
बेटियाँ अब देश में कैसे जियें।
श्रीकृष्ण शुक्ल
समय किसी भी तख़्त का,हुआ नहीं मुहताज
समय किसी भी तख़्त का,हुआ नहीं मुहताज
RAMESH SHARMA
सांसदों का वेतन, भत्ते और सुविधाएँ
सांसदों का वेतन, भत्ते और सुविधाएँ
अरशद रसूल बदायूंनी
नवरातन में बकरा...
नवरातन में बकरा...
आकाश महेशपुरी
Loading...