हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🎉 🎉
पेवन पहने बाप है, बेटा हुए नवाब।
तेरे उल्फत की नदी पर मैंने यूंँ साहिल रखा।
कुछ अच्छा करने की चाहत है
जीवन में हर एक व्यक्ति किसी न किसी पर विश्वास करके ही ज़िन्द
मुझ जैसा रावण बनना भी संभव कहां ?
*मनः संवाद----*
रामनाथ साहू 'ननकी' (छ.ग.)
"सर्व धर्म समभाव"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
नारी : एक अतुल्य रचना....!
*आ गये हम दर तुम्हारे,दिल चुराने के लिए*
भगवन तेरे द्वार पर, देखे अगणित रूप