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गुरु सक्सेना : एक बड़ा कवि, बड़ा नाम!

Neeraj Chauhan जैसे ही पता चला की गुरु सक्सेना जी ने sahityapedia में पदार्पण किया हैं , मैं चौंक सा गया। सक्सेना आधुनिक हिंदी कविता जगत में एक जाना माना नाम है। [...]

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ढलता रहता हूँ

डी. के. निवातिया
ढलता रहता हूँ *** हर रोज़, दिन सा, ढलता रहता हूँ ! बनके दिया सा, जलता [...]

रोमांच

डी. के. निवातिया
रोमांच बदन संगमरमर है या तराशा हुआ टुकड़ा कांच सा शबनम की बूँद ढले [...]

शब्द तौल कर बोलो

Sanjeev Kumar Shukla
प्रेमी बन प्रेमिका से बगली झाक अटालिका से लड़के ने फरमाया वाह क्या [...]

गाथा एक वीर की

डी. के. निवातिया
रचना के पूर्ण रसास्वादन के लिए कृपया पूरा पढ़े ...! गाथा एक वीर [...]

*** हम मौन रहे तो ***

भूरचन्द जयपाल
हम मौन रहे तो ऐसे कई डांगाबास घटित होंगे क्यों भीतर ही भीतर [...]

हंसी

Neelam Sharma
हाइकु मन सिसका देख नीड़ पराया हंसना भूली। फेन झाग सी ये [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुमसे बार बार मैं बात करना चाहता हूँ! तेरी जुल्फ के तले रात करना [...]

कल्पना

Neelam Sharma
अकल्पनीय स्वर्णिम कल्पना मेरे इंद्रधनुषी रंगें ख्वाब हैं। दिव्य [...]

🔥🌞🌞सूर्य अधार सब सृष्टि दिखे 🌞🌞🔥

Abhishek Parashar
तप अधार जग सृष्टि सजे,जिव्हा के अधार निकसति है वानी। भोजन पचत अम्ल [...]

हर हर महादेव

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 सब देवों के देव, सारे जग में स्वमेव , उमापति महादेव, हर हर [...]

सब कुछ बिकता है….

Sanjeev Kumar Shukla
कोई नाम बेचता है कोई काम बेचता है यहाँ सस्ते मे कोई ईमान बेचता [...]

तुम समझती क्यों नही माँ?

Neeraj Chauhan
तुम्हारे एक आंसू की बूंद मेरेे दिल को चीर देती है, बढ़ा मेरी पीर [...]

“इंसानियत” मुक्तक

Dr.rajni Agrawal
इंसानियत ****** पहन कर बैर का जामा बढ़ाते हसरतें क्यों हो? पढ़ा कर पाठ [...]

*** ये दिल ***

भूरचन्द जयपाल
ये दिल भी उन्ही को धोखा देता आया है जो दिल लगाते हैं [...]

अतीत हूँ मैं

purushottam sinha
अतीत हूँ मैं बस इक तेरा, हूँ कोई वर्तमान नहीं... तुमको याद रहूँ भी तो [...]

शहतूत के तले

purushottam sinha
हाॅ, कई वर्षों बाद मिले थे तुम उसी शहतूत के तले..... अचानक ऑंखें बंद [...]

समर्पण

purushottam sinha
वो पुष्प! संपूर्ण समर्पित होकर भी, शायद था वो कुछ अपूर्ण! अन्त: रमती [...]

कभी

purushottam sinha
कभी गुजरना तुम भी मन के उस कोने से, विलखता है ये पल-पल, तेरे हो के भी [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरा जो दीवाना था कब का मर गया है! तेरा जो परवाना था कब का डर गया [...]

सब गरीब है , इबादत लिखेंगे

रौशन जसवाल विक्षिप्त
कभी मिले तो शिकायत लिखेंगे कैसी है अब, तबियत लिखेंगे, हार गया है [...]

झूठ बिके झटपट 🌹

Rita Yadav
पथ पे चलना सत्य के, कभी नहीं आसान l झूठ बिके झटपट यहां, सच की बंद [...]

आया करो

Neelam Sharma
हे मुरलीमनोहर, केशव,गिरीधर ऐसे न हमको सताया करो। लुका छिपी नहीं [...]

भजन -जयश्रीकृष्ण

Sajoo Chaturvedi
हे कृष्णमुरारी ,हे गिरिधरधारी । हे मुरलीधारी [...]

मुक्तक -जयश्रीकृष्ण

Sajoo Chaturvedi
तेरी छोटी पयियाँ तेरी चूमती हथियाँ तू धरती चूमें तेरी पकड़ती [...]

कविता –विरहणी

Sajoo Chaturvedi
विरहणी ऐ पवन ! जरा रुकजा मेरे संगसंग चल। राहें भूली मैं प्रियतम [...]

शिव

Neelam Sharma
श्रावण झडी़ लग गई, घटा घनी घनघोर। भांग धतूरा घुट रहा, चढ़ा भक्ति का [...]

Gajal

M Furqan Ahmad
हम तेरे लबो रुख्सर मे खोना चहते हैं हर लम्हा तेरे अगोश मे सोंना [...]

प्यार के रंग….

sushil sarna
प्यार के रंग.... प्यार के रंग अपनी आँखों में लिए आ जाओ l शब-ए-वस्ल को [...]

बुढ़ापे में प्यार

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 कौन कहता है कि बुढ़ापा में प्यार नहीं होता है । सच तो ये है [...]

मैं आज जो भी हूँ

Bhupendra Rawat
मैं आज जो भी हूँ वो मेरे पापा की ही तो कमाई है। क्योंकि ख़ुद धूप में [...]