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खिलौने का मोह…..

शालिनी साहू नहीं छोड़ पाया अपने खिलौने का मोह वो बालमन! छीना-झपटी करते रहे घण्टों एक-दूसरे के संग! नजर मेरी टकटकी लगाये देख रही थी उनके गुन! सहसा एक [...]

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बालगीत. चलो आज बच्चे बन जाये

Geetesh Dubey
आँचल मे माँ के छिप जाएँ चलो आज बच्चे बन जाएँ दॊड़े कूदें धूम [...]

“मनभावन”

Dr.rajni Agrawal
"मनभावन (मुकरी छंद) रूप सलौना खूब सजाते श्याम भ्रमर मन को अति [...]

गुलाब

Santosh Barmaiya
विधा - हाइकु *************************** श्रद्धा अर्पण। चरणों में नमन। [...]

हिसाब मांगे हैं।

Neelam Sharma
फ़िलबदीह-१२२ मिसरा- तिरी निगाह तो सारा हिसाब मांगे हैं। गिरह- [...]

जिंदादिल वीर जवान

Santosh Barmaiya
उठो, बनो शोले हे ! वीरों, अब वतन ए राह बुलाती है। दिखलाओ जिंदादिली [...]

खनक

Neelam Sharma
खनके वलय,कंगना खनखन, प्रिये तू चंचल सुंदर चपल। सुनकर खनक तेरे [...]

माँ वंदना

Santosh Barmaiya
💐💐💐💐💐मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ💐💐💐💐💐 ★ माँ [...]

मुक्तक

ATUL PUNDHIR
आँखों के स्वप्न यूँ जले काजल से जा मिले आँसू हमारी आँख के बादल से जा [...]

आ अब लौट चले उस गाँव

Santosh Barmaiya
आ अब लौट चले उस गाँव। जहाँ माँ के आँचल की छाँव।। करघा, आँगन बैठ के [...]

वीर शौर्य

Santosh Barmaiya
माँ की कोख में पलता यहाँ बच्चा शौर्यमय हो जाता है। तन मन [...]

नहीं सरल राजत्व निभाना

Rita Singh
नहीं सरल राजत्व निभाना राजा तुम्हें समझना होगा , राजतिलक होतेे ही [...]

*** कुछ शेर ***

भूरचन्द जयपाल
हक़ीक़त में सम्भव नहीं उनको रुलाना क्यों न तसव्वुर में ही रुलाया [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मुझको तेरी जुदाई मार डालेगी! मुझको गमे-तन्हाई मार डालेगी! कबतलक जी [...]

“बेवफ़ाई”

Dr.rajni Agrawal
"बेवफ़ाई" मुहब्बत में नज़र फ़िसली, दिले नादान ना माना। बसाया रूप [...]

सफलता तेरे लिए।

Neelam Sharma
फ़िया- आया।(आ) २४/५/१७ मत गुरुर कर सफलता खुद पे, मैं हासिल करूंगी [...]

सिंधु का इंटरव्यू

Neelam Sharma
सागर किनारे समुद रसागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, वारिधि, [...]

भारत के वीर जवानों

शालिनी साहू
भारत के वीर- . हे!भारत के वीर जवानों तुम मातृभूमि की रक्षा करना! [...]

==* न कर सकी तू वफ़ा *==

SHASHIKANT SHANDILE
न कर सकी तू वफ़ा ऐ सनम मुझे तुझसे कोई गिला भी नहीं न कर सकी तू वफ़ा [...]

पापा की बिटिया

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 गर्मी की छुट्टी ढेर सारी मस्ती। जिन्दगी फूलों सी खिल खिला [...]

उसका करें विरोध

RAMESH SHARMA
फैलाते दुर्गंन्ध जो,... ऐसे रस्म रिवाज ! उनका करना चाहिए,झटपट हमें [...]

शब्द

Neelam Sharma
छंद मुक्त रचना विषय-शब्द शब्द असीम भाव हैं, नहीं हैं माना हाथ [...]

लम्हा…

sushil sarna
लम्हा.... न ज़िस्म रखता हूँ मैं न पर रखता हूँ ...मैं कहाँ कभी दिल में [...]

शब्द पानी हो गए

बसंत कुमार शर्मा
छोड़कर हमको किसी की जिंदगानी हो गए ख्वाब आँखों में सजे सब आसमानी हो [...]

मुक्तक

Hema Tiwari Bhatt
"एक मुक्तक" फूलों संग "काँटों " का होना बहुत जरूरी है| सुख संग दुख से [...]

“जीवन में हम”

Prashant Sharma
दो शरीर एक श्वांस हैं हम, एक दूजे के खास हैं हम। दूर भले हम कितने रह [...]

“चेहरे गाँवो के”

Prashant Sharma
चेहरे गाँवों के हैं बदले जन-मन में स्वारथ का पहरा, हुई नदारद [...]

गज़ल

Neelam Sharma
फ़िलबदीह-१२१ २३/५/१७ मिसरा-न जाने वजह क्या हुई खुद खुशी [...]

दर्द बाहर निकले लगा

Hardeep Bhardwaj
है जो सीने मे दर्द भरा लिखने बैठा तो बाहर निकलने लगा | बरस बीत गए [...]

किस लिए।

Neelam Sharma
काफ़िया- जला(आ) रदीफ-लिए। माना अल्लाह की है तू बेनज़ीर अदा [...]

कब बताता है

milan bhatnagar
चेहरे का हर भाव किया वादा कब बताता है कितना दर्द है दिल में आयना कब [...]