Posts Tag: एहसास 69 posts Sort by: Latest Likes Views List Grid Dr. Rajeev Jain 14 Sep 2024 · 1 min read एक एहसास क्या तुम्हें एहसास है, कैसा लगा होगा सामने आँख के, सपना फिसल गया होगा l जिसका, मुद्दतों इंतज़ार किया था तुमने वो मिला, तो उसने तुम्हें, न पहचाना होगा l... Hindi · अनुमान · एहसास · राजीव · सांगरी · सोच 96 Share Shyam Sundar Subramanian 19 Aug 2024 · 1 min read अटूट प्रेम हे मित्र ! तेरे शब्द बाण मेरे हृदय को चीर गए , मेरे अंतस्थ बसे तेरे प्रेम को विखंडित कर गए , फिर भी मुझे क्यों आभास होता है ?... Hindi · एहसास · कविता 1 108 Share Dr. Rajeev Jain 11 Aug 2024 · 1 min read एहसास क्या तुम्हें एहसास है, कैसा लगा होगा ! सामने आँख के, सपना फिसल गया होगा । जिसका, मुद्दतों किया था इंतज़ार तुमने, जब दिखा ,तो किसी और को मिल गया... Hindi · एहसास · भ्रम · राजीव · सपने · सांगरी 126 Share Shyam Sundar Subramanian 11 Aug 2024 · 1 min read मज़लूम ज़िंदगानी बहुत सोच कर भी कुछ न कह पाती है , इस- क़दर जज़्बातों को दफ़्न किए जाती है , ज़ेहन में ख़यालों की आमेज़िश कभी थमती नही , चाह कर... Hindi · एहसास · कविता 134 Share Shyam Sundar Subramanian 13 Jul 2024 · 1 min read क़ुर्बानी ज़िंदगी भर हालातों से लड़ता रहा कभी हार नही मानी , हालाते हाज़िरा में अपनों से लड़ न सका आख़िर हार मानी , अपनो से हार का समझौता दिल से... Hindi · एहसास · कविता 1 171 Share Shyam Sundar Subramanian 12 Jul 2024 · 1 min read जुदाई मुझे ठुकरा कर तो जा रहे हो तुम , याद रखना बहुत पछताओगे तुम , जब कभी तन्हा रहोगे तुम , तब मुझे अपने दिल के करीब पाओगे तुम ,... Hindi · एहसास · कविता 163 Share Juhi Grover 27 May 2024 · 1 min read परत दर परत परत दर परत दिल में एहसास जम गए थे कई, अन्दर ही अन्दर बस बढ़ते गए थे ज़ख्म कई, ज़िन्दगी का एहसास ही खत्म हो गया हो जैसे, मौत का... Poetry Writing Challenge-3 · एहसास · कविता · ज़िन्दगी · परत दर परत · मरहम 179 Share Juhi Grover 20 May 2024 · 1 min read तुम्हारी दोस्ती पक्के दोस्त तो थे तुम मेरे, जीने की बस वजह थे मेरे, जीने की वजह बदल दी मैंने, तुम्हारी दोस्ती तोड़ दी मैंने। तुम कभी भी बुरे तो नहीं थे,... Poetry Writing Challenge-3 · अरमान · एहसास · कविता · दोस्ती · हमराज़ 1 126 Share Juhi Grover 13 May 2024 · 1 min read तुम मेरी यादों से उतर गये थे कब से तुम, फिर ख्वाबों में आ के क्यों सताते हो, जिन अल्फाज़ों को छोड़ चुकी थी मैं, बार बार कानों में तुम क्यों... Poetry Writing Challenge-3 · आईना · इन्तजार · एहसास · कविता · तराना 1 115 Share Shyam Sundar Subramanian 19 Mar 2024 · 1 min read व्यावहारिक सत्य कुछ समझ में नहीं आता क्या गलत है ? क्या सही ? सही को गलत सिद्ध किया जाता है , और गलत को सही , अब तो यही लगता है... "सत्य की खोज" – काव्य प्रतियोगिता · एहसास · कविता 1 2 172 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Mar 2024 · 1 min read ज़िंदगी के फ़लसफ़े वक्त बदलते , हालात बदलते हैं , बदलते हालात, एहसास बदलते हैं , बदलते एहसास, इंसां बदलते हैं, बदलते इंसां, मरासिम बदलते हैं , बदलते मरासिम, ए’तिबार बदलते हैं, बदलते... "सत्य की खोज" – काव्य प्रतियोगिता · एहसास · कविता 2 127 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Mar 2024 · 1 min read वक्त लगता है चलते-चलते वक्त कुछ पीछे छूट गया , कुछ ऐसे गुजरा की कुछ पता ही नहीं चला , हम कहां थे ? कहां से कहां आ गए ? हम... "सत्य की खोज" – काव्य प्रतियोगिता · एहसास · कविता 2 155 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Mar 2024 · 1 min read मर्दुम-बेज़ारी बड़ी-बड़ी बातों का इल्म़ बांटना बहुत आसान है , उनका ‘अमल उतना ही मुश्किल ना आसान है , हक़ीक़त में इंसानी फ़ितरत आड़े आती है , जो बनते काम को... "सत्य की खोज" – काव्य प्रतियोगिता · एहसास · कविता 2 147 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Mar 2024 · 1 min read ज़िंदगानी रिश्ते थे जो, वो टूटते चले गए , दोस्तों के साथ भी छूटते चले गए , वक्त के साथ एहसास भी बदलते गए , जब -तब हादसे , ज़ीस्त को... "सत्य की खोज" – काव्य प्रतियोगिता · एहसास · कविता 2 194 Share Shyam Sundar Subramanian 17 Mar 2024 · 1 min read वो अजनबी झोंका ये कौन सा हवा का झोंका था ? जो मुझे छू गया , सोते दिल में इक एहसास सा जगा गया , कुछ भूले-बिसरे लम़्हों की याद दिला गया ,... Hindi · एहसास · कविता 134 Share Shyam Sundar Subramanian 12 Feb 2024 · 1 min read ज़िंदगी के सौदागर ज़िंदगी की बोली लगती है , क्या तुम ज़िंदगी खरीद पाओगे ? क्या उसकी कीमत तुम चुका पाओगे ? तड़पते जिस्मो जाँ से बग़ावत करती रूह को क्या तुम मना... Hindi · एहसास · कविता 254 Share Sangeeta Beniwal 7 Feb 2024 · 1 min read (हमसफरी की तफरी) (हमसफरी की तफरी) हमसफर वही हम भी वही रिश्ते भी वही रास्ते भी वही आज भी वही अर्धनारीश्वर से हम। घी-खिचड़ी, माखन -मलाई से आज भी वही स्निग्धा रिश्ते ।... Poetry Writing Challenge-2 · Poem · Quotation · एहसास · हमसफ़र 2 208 Share ब्रजनंदन कुमार 'विमल' 4 Feb 2024 · 1 min read मेरी लिखावट मै लिखता हूं महज एहसासों को, मुझसे कल्पना नहीं की जाती, मुझे सोचकर लिखना पसंद है, मैं कहानियों में खुद को नही उतार पाता, कहानियां कभी सत्य है तो कभी... Hindi · एहसास 2 284 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Jan 2024 · 1 min read वक्त लगता है चलते-चलते वक्त कुछ पीछे छूट गया , कुछ ऐसे गुजरा की कुछ पता ही नहीं चला , हम कहां थे ? कहां से कहां आ गए ? हम... Hindi · एहसास · कविता 1 180 Share Shyam Sundar Subramanian 27 Dec 2023 · 1 min read दहन ये धुआँ सा कहाँ से उठता है ? फ़िज़ा में ये सुगबुगाहट कैसी है ? लगता है कहीं कुछ जल रहा है , माहौल में ये चुप्पी कैसी तारी है... Hindi · एहसास · कविता 214 Share Shyam Sundar Subramanian 24 Dec 2023 · 1 min read वो बातें रात तो बीत गई पर कुछ कही , कुछ अनकही बातें रह गई , कुछ दिल को बेचैन कर गई , कुछ ज़ेहन को मुज़्महिल कर गई , श़ब -ओ-सहर... Hindi · एहसास · कविता 1 2 393 Share Shyam Sundar Subramanian 20 Dec 2023 · 1 min read हालातों का असर कुदरत की रा'नाईओं का भी असर होता है , तन्हा वीरानियों का भी सफ़र होता , ख़िज़ाँ में सूखे पत्तों का भी शजर होता है , बादलों में छुपा हुआ... Hindi · एहसास · कविता 261 Share Shyam Sundar Subramanian 2 Dec 2023 · 1 min read तसव्वुर मसर्रत की ऐसी हवा चली है , माहौल की सरगर्मियां लुत्फ़-अंदोज़ हो रहीं हैं , लगता है अभी-अभी किसी ने मुझे प्यार से छूआ है , ज़ेहन में अजब सी... Hindi · एहसास · कविता 1 205 Share Shyam Sundar Subramanian 29 Nov 2023 · 1 min read असर निग़ाहे नाज़ का ये असर है जिससे तू बे-ख़बर है , दीवाना बना दे ज़माने को ऐसी तेरी नजर है , चश्मे साग़र से पिला मदहोश कर देती हो ,... Hindi · एहसास · कविता 1 255 Share Shyam Sundar Subramanian 16 Oct 2023 · 1 min read मर्दुम-बेज़ारी बड़ी-बड़ी बातों का इल्म़ बांटना बहुत आसान है , उनका 'अमल उतना ही मुश्किल ना आसान है , हक़ीक़त में इंसानी फ़ितरत आड़े आती है , जो बनते काम को... Hindi · एहसास · कविता 308 Share Shyam Sundar Subramanian 13 Aug 2023 · 1 min read ज़िंदगानी रिश्ते थे जो, वो टूटते चले गए , दोस्तों के साथ भी छूटते चले गए , वक्त के साथ एहसास भी बदलते गए , जब -तब हादसे , ज़ीस्त को... Hindi · एहसास · कविता 278 Share Shyam Sundar Subramanian 3 Aug 2023 · 1 min read उम्मीद -ए- दिल आलम -ए -बेताबी -ए- दिल का हुआ ये हाल, वो तस्वीर ज़ेहन से ना उतरती करती है बे-हाल , मुज़्तरिब सा बहका- बहका रहता हूँ , दीवाना सा भटका- भटका... Hindi · एहसास · कविता 1 424 Share Shyam Sundar Subramanian 10 Jul 2023 · 1 min read निगाहें उनकी आंखों में उमड़ता सैलाब मैंने देखा था , उनकी आंखों में जन्नत का एहसास मैंने देखा था , लफ्ज़ों का इज़हार ग़ुम था , मगर बोलती निगाहों को मैंने... Hindi · एहसास · कविता 477 Share *प्रणय प्रभात* 26 Jun 2023 · 1 min read #मुक्तक- #मुक्तक- ■ एक एहसास... 【प्रणय प्रभात】 ख़िजां है अब न अड़ना चाहता है, हवाओं से न लड़ना चाहता है।। उसे दस्तूर क़ुदरत का पता है, वो पत्ता ख़ुद ही झड़ना... Hindi · एहसास · मुक्तक 1 199 Share *प्रणय प्रभात* 25 Jun 2023 · 1 min read #ग़ज़ल- #ग़ज़ल- ■ इंकार कर सकता हूँ मैं...!! 【प्रणय प्रभात】 ● मत समझना सिर्फ़ तुमको प्यार कर सकता हूँ मैं। हो कोई इसरार तो, इंकार कर सकता हूँ मैं।। ● संग... Hindi · Gazal ग़ज़ल · एहसास 1 183 Share *प्रणय प्रभात* 20 Jun 2023 · 1 min read #ग़ज़ल #ग़ज़ल ■ खिलौना कर ले... 【प्रणय प्रभात】 ◆ हाथ को मोड़ के थोड़ा सा तिकोना कर ले। थक गया हो तो ज़मीं को ही बिछौना कर ले।। ◆ दिल के... Hindi · Gazal ग़ज़ल · एहसास 1 220 Share Shyam Sundar Subramanian 13 Jun 2023 · 1 min read ये नज़रें नज़र से नज़र का असर है , जो इन नज़रों से बेख़बर है , वो एहसास -ए- शु'ऊर से बेअसर है , किसी ने जन्नत देखी है नज़रों में ,... Hindi · एहसास · कविता 2 2 437 Share Shyam Sundar Subramanian 13 Jun 2023 · 1 min read ज़िदगी के फ़लसफ़े वक्त बदलते , हालात बदलते हैं , बदलते हालात, एहसास बदलते हैं , बदलते एहसास, इंसां बदलते हैं, बदलते इंसां, मरासिम बदलते हैं , बदलते मरासिम, ए'तिबार बदलते हैं, बदलते... Hindi · एहसास 1 178 Share Shyam Sundar Subramanian 13 Jun 2023 · 1 min read अजनबी अपनों के शहर में हम अजनबी से हो गए हैं , बावफ़ा रहकर भी मोरिद- ए - इल्ज़ाम हो गए हैं , यादों के झरोखों से झाँकते है कुछ जाने-... Hindi · एहसास · कविता 705 Share अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित' 5 Jun 2023 · 1 min read दोस्ती इसलिए खास है दोस्ती इसलिए खास है क्योंकि...... यही जीवन का सबसे खूबसूरत एहसास है। हर मुसीबत में होता दोस्त हमारे साथ है। दूर होकर भी हमारे रहता आसपास है। वक्त पड़ने पर... Poetry Writing Challenge · एहसास · कविता · दोस्ती · हिंदी कविता 1 328 Share Shyam Sundar Subramanian 3 Jun 2023 · 1 min read एकाकीपन जैसे-जैसे यह समय गुजरता जाता , वैसे-वैसे ही कुछ घटता सा जाता , उमंग में भी कमी होने लगती , अच्छी- भली कही भी बुरी लगती , भीड़ से दूर... Hindi · एहसास · कविता 520 Share Shyam Sundar Subramanian 2 Jun 2023 · 1 min read व्यक्तिगत अभिव्यक्ति बहुत कुछ सोच समझकर कहना चाहूं तो ज़ुबान पर ताले पड़ जाते हैं , अव्यक्त भावनाओं के स्वर अंतःकरण में डोलते रहते व्यक्त नहीं हो पाते हैं , लगता है... Hindi · एहसास · कविता 402 Share *प्रणय प्रभात* 20 May 2023 · 1 min read ■ आज का चिंतन... ■ आज का चिंतन... मैं उन लोगों से कतई इत्तिफ़ाक़ नहीं रखता, जो मौजूदा दौर को सब कुछ देने वाला मानते हैं। मुझे लगता है कि कथित विकासशीलता के इस... Hindi · एहसास · शेर 530 Share Shyam Sundar Subramanian 14 May 2023 · 1 min read चंद एहसासात जान कर भी अंजान से बन जाते हैं लोग , अपनों से भी अजनबी से बन जाते हैं लोग , ये वक्त का है तकाज़ा , या फ़ितरत का है... Hindi · एहसास · शेर 294 Share Shyam Sundar Subramanian 14 May 2023 · 1 min read चंद एहसासात दिल के ग़ुबार मुस्कुराहट से झुपते नहीं , नज़रों से बयाँ हो ही जाते हैं , दर्द-ए-दिल जज़्ब होता नहीं , अश़्क बन छलक ही जाता है । Hindi · एहसास · शेर 188 Share मनोज कुमार 14 May 2023 · 1 min read शबे- फित्ना शबे- फित्ना बिखरने दो धूप को आसमाँ को नंगे पांव चलने दो गलने दो ये दाग़ दिल के ३मता- ए- नफस हमें नहीं चाहिए सो गई जमीं तो, तारे नींद... Poetry Writing Challenge · एहसास · कविता · जुदाई · तन्हाई · दर्द 357 Share Shyam Sundar Subramanian 9 May 2023 · 1 min read दिल -ए- ज़िंदा दिल का एहसास बुज़ुर्ग को भी जवाँ बना देता है , दिल से हारे जवाँ को भी वक्त से पहले बूढ़ा बना देता है , ज़िंदादिली से जो जीते हैं... Hindi · एहसास · कविता 564 Share Shyam Sundar Subramanian 4 May 2023 · 1 min read हस्ती रहगुज़र -ए-ज़ीस्त की उड़ती खाक बनकर रह गया हूं , सोज़ -ए -दिल से जलकर राख बनकर रह गया हूं , हसीन ख़्वाबों का फ़रेब-ए- सराब बन कर रह गया... Hindi · एहसास 353 Share Shyam Sundar Subramanian 3 May 2023 · 1 min read ज़िदादिली खुशी क्या होती है तुम ये क्या जानो , मसर्रत के लम्हों को तुम कैसे पहचानो , ज़िंदादिल इंसां औरों को खुश देख खुश होता है , उनका ग़म बांटकर... Hindi · एहसास · कविता 1 1 357 Share Shyam Sundar Subramanian 30 Apr 2023 · 1 min read अपने इंसान दुनिया जीतकर भी अपनों से हार जाता है , कभी-कभी अपनों से जीतकर भी अपने आप से हार जाता है , कभी-कभी उसके अपने ही उसकी हार का कारण... Hindi · एहसास · कविता 389 Share Shyam Sundar Subramanian 18 Apr 2023 · 1 min read बे-ख़ुद वक्त की दहलीज़ पर ठहरा हुआ सा एक लम्हा, हवा में लहराता हुआ सा एक बबूला, संगे -ए- राह सा ठोकर खाता हुआ, एहसास -ए- दर्द बना फ़ुगाँ होता हुआ... Hindi · एहसास · कविता 252 Share Shyam Sundar Subramanian 5 Apr 2023 · 1 min read लहर दिल में कुछ इस कदर लहर सी उठती है , कुछ कहती भी है , पर कुछ समझ ना आती है, एहसास के समंदर मे हम डूबते - उभरते रहते... Hindi · एहसास · कविता 486 Share Shyam Sundar Subramanian 28 Mar 2023 · 1 min read हादसे ये क्या हुआ , कैसे हुआ ,क्यूँ हुआ , कुछ ऐसे अचानक हादसे हो जाते हैं , जिनको हम कभी समझ नही पाते हैं , जितना समझने की कोशिश करें... Hindi · एहसास · कविता 259 Share *प्रणय प्रभात* 26 Mar 2023 · 1 min read ■ आज का मुक्तक #मुक्तक... ■ बोलते हैं खंडहर... दूर रहिए और दूर से ही गुज़र जाइए। जर्जर दीवारें मामूली सी आहट से भी धराशायी हो जाती हैं अक़्सर।। ■ प्रणय प्रभात ■ Hindi · एहसास · दिल · दिल का पैगाम · भक्ति मुक्तक · शायरी 1 536 Share Shyam Sundar Subramanian 17 Mar 2023 · 1 min read असंवेदनशीलता सब कुछ देखकर भी हम अनजान से बन जाते हैं , सब कुछ सुनकर भी हम अनसुनी कर जाते हैं , शायद हमारे पूर्व कटु अनुभव हमें इसलिए बाध्य करते... Hindi · एहसास · कविता 230 Share Page 1 Next