मां की महिमा
मां की महिमा
नवरात्रा का पावन पर्व है आया,
माँ का नाम हर दिल में समाया।
भक्ति-भाव से करें आराधना,
माँ की कृपा से मिले साधना।
नौ दिन तक जगदंबा पूजित,
संकट हरने माता विराजित।
शैलपुत्री से होती शुरुआत,
सिद्धिदात्री करें सबकी बात।
डांडिया की थाप है प्यारी,
माँ के गीतों से दुनिया सारी।
उज्ज्वल दीप जलाते हम,
माँ के चरणों में शीश झुकाते हम।
शक्ति, भक्ति, ज्ञान की ज्योति,
माँ की कृपा से कटे विपत्ति।
सच्चे मन से जो ध्यान लगाए,
माँ हर दुःख को दूर भगाए।
अनोप भाम्बु
जोधपुर