नीर, तुझ संग रिश्ता है इस तरह…

नीर,
तुझ संग रिश्ता है इस तरह
तब तब मन की गहराइयों से जन्मा
जब जब कोई घाव लगा, गहरा
नीर, तुझ संग रिश्ता है इस तरह
कभी दबे कदमों से चला
कपोलों पर आ रुका
कभी इतने वेग से बढ़ा
दामन भी मेरा भीगा
अपनी मनमर्जी करता है
जब कभी इच्छाओं पर लगा पहरा
नीर, तुझ संग रिश्ता है इस तरह
चित्रा बिष्ट