होली (दादरा ताल)
होली
—–
रंगों का संगम हो,
कुछ और नहीं गम हो।
यारों की टोली हो,
ऐसी कुछ होली हो!१।
व्यंजन हो थाली में,
शर्बत हो प्याली में।
रंजक पिचकारी में,
डूबें किलकारी में!२।
-ऋतुपर्ण
होली
—–
रंगों का संगम हो,
कुछ और नहीं गम हो।
यारों की टोली हो,
ऐसी कुछ होली हो!१।
व्यंजन हो थाली में,
शर्बत हो प्याली में।
रंजक पिचकारी में,
डूबें किलकारी में!२।
-ऋतुपर्ण