आँखों में जब होंगे ख्वाब

आँखों में जब होंगे ख्वाब
तब मंजिल पाने की होगी आस
जब गम ही हो किस्मत में
तो क्यों न हँस के जिया जाए।।
– मीरा ठाकुर
आँखों में जब होंगे ख्वाब
तब मंजिल पाने की होगी आस
जब गम ही हो किस्मत में
तो क्यों न हँस के जिया जाए।।
– मीरा ठाकुर