उसने घर की चौखट को जब से ऊंचा कर लिया है

उसने घर की चौखट को जब से ऊंचा कर लिया है
हमने तब से अकेला चलने का फैसला कर लिया है
अलग लहजे में आई है पेड़ों की टहनियों जब से
पक्षियों ने कहीं और जाकर आसरा कर लिया है
✍️कवि दीपक सरल
उसने घर की चौखट को जब से ऊंचा कर लिया है
हमने तब से अकेला चलने का फैसला कर लिया है
अलग लहजे में आई है पेड़ों की टहनियों जब से
पक्षियों ने कहीं और जाकर आसरा कर लिया है
✍️कवि दीपक सरल