तेरे पास था तो, तेरी खुशी के लिए।

तेरे पास था तो, तेरी खुशी के लिए।
आज दूर हूं तो, तेरी आरजू के लिए।
न तब तुझसे मांगा, न अब कोई चाहत है।
बस तेरी शिकायत से, मेरा दिल आहत है।
उम्मीद है, तेरी हर आरज़ू को।
शिद्दत से, गले लगाऊंगा।
बस कसक दिल में,
दबा कर बैठा हूं।
उनकी आरज़ू पूरी करने में,
मैं उनसे ही जुदा हो जाऊंगा
श्याम सांवरा……