गुज़रते वक़्त के साथ

गुज़रते वक़्त के साथ
महज़ छोटी सी
एक ख्वाहिश बाकी है
बस, बैठ मेरे पास हाल न पूछ
सर रख लेने दे अपने कांधे पर
कैसा हूँ मैं, कितना हूँ मैं कुछ न पूछ
हिमांशु Kulshrestha
गुज़रते वक़्त के साथ
महज़ छोटी सी
एक ख्वाहिश बाकी है
बस, बैठ मेरे पास हाल न पूछ
सर रख लेने दे अपने कांधे पर
कैसा हूँ मैं, कितना हूँ मैं कुछ न पूछ
हिमांशु Kulshrestha