पंडित आदमी हूं इसके अतिरिक्त हिन्दी मिडियम के बच्चों को अंग्
ऊपर वाला जिन्हें हया और गैरत का सूखा देता है, उन्हें ज़लालत क
********* प्रेम मुक्तक *********
मुझे आदिवासी होने पर गर्व है
ऐ./सी.राकेश देवडे़ बिरसावादी
सत्संग की ओर
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी "
आह
Pt. Brajesh Kumar Nayak / पं बृजेश कुमार नायक
नयी कोपलें लगी झाँकने, पा धरती का प्यार ।
Jyoti Shrivastava(ज्योटी श्रीवास्तव)
अपने दिल का हाल न कहना कैसा लगता है
अगर मैं / अरुण देव (पूरी कविता...)
Kavi Shankarlal Dwivedi in a Kavi sammelan, sitting behind is Dr Pandit brajendra Awasthi
Shankar lal Dwivedi (1941-81)
आप अगर अंबानी अडाणी की तरह धनवान हो गये हैं तो माफ करना साहब
*सुबह-सुबह गायों को दुहकर, पात्रों में दूध समाया है (राधेश्य