Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

चल‌ मनवा चलें….!!!

झूमते-गाते जय-जय सियाराम,
चल मनवा चलें अयोध्या धाम।
तोड़ हर बंधन, छोड़ सब काम,
चल मनवा चलें अयोध्या धाम।
झूमते-गाते…..!!
प्रभु-भक्ति की लगन लगा लें,
प्रेम-भाव की ज्योत जगा लें,
चिन्तन में कटें आठों याम।
चल मनवा चलें…..!!
“कंचन” सा अवध सजे सुन्दर,
तू क्यों अटका मोह समन्दर,
नयनों को दें सुख अविराम।
चल मनवा चलें…..!!
जहाँ रघुवर संग सिय बिराजें,
सकल सुमंगल वहीं आ साजें,
चल हम भी वहीं लें विश्राम।
चल मनवा चलें…..!!

रचनाकार :- कंचन खन्ना, मुरादाबाद,
(उ०प्र०, भारत)।
सर्वाधिकार, सुरक्षित (रचनाकार)।
दिनांक :- ११/०१/२०२४.

Language: Hindi
Tag: गीत
150 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Kanchan Khanna
View all

You may also like these posts

बेटी का सम्मान
बेटी का सम्मान
surenderpal vaidya
हर दिन नया कुरुक्षेत्र...
हर दिन नया कुरुक्षेत्र...
पं अंजू पांडेय अश्रु
शिकवे शिकायत की
शिकवे शिकायत की
Chitra Bisht
स्त्री 🥰
स्त्री 🥰
Swara Kumari arya
#आज-
#आज-
*प्रणय प्रभात*
"कुछ तो गुना गुना रही हो"
Lohit Tamta
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
बहुत मुश्किल होता हैं, प्रिमिकासे हम एक दोस्त बनकर राहते हैं
Sampada
कुछ अच्छे गुण लोगों को महान बनाते हैं,
कुछ अच्छे गुण लोगों को महान बनाते हैं,
Ajit Kumar "Karn"
तू ज्वाला की तिल्ली हो
तू ज्वाला की तिल्ली हो
उमा झा
From I to We- Please Marry Me
From I to We- Please Marry Me
Deep Shikha
कभी सोचा है सपने क्या होते हैं?
कभी सोचा है सपने क्या होते हैं?
पूर्वार्थ देव
*बदलाव की लहर*
*बदलाव की लहर*
sudhir kumar
पुरुष की एक पसंदीदा स्त्री ज़रूर होती है
पुरुष की एक पसंदीदा स्त्री ज़रूर होती है
सोनम पुनीत दुबे "सौम्या"
दोहे - डी के निवातिया
दोहे - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
समय के हाथ पर ...
समय के हाथ पर ...
sushil sarna
The Weight of Years
The Weight of Years
Shyam Sundar Subramanian
"कुछ ऐसा हो जाए"
Madhu Gupta "अपराजिता"
पत्नी के डबल रोल
पत्नी के डबल रोल
Slok maurya "umang"
न जाने क्यों ... ... ???
न जाने क्यों ... ... ???
Kanchan Khanna
You call out
You call out
Bidyadhar Mantry
सच्ची मोहब्बत भी यूं मुस्कुरा उठी,
सच्ची मोहब्बत भी यूं मुस्कुरा उठी,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
हार नहीं होती
हार नहीं होती
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
इस तरह कुछ लोग हमसे
इस तरह कुछ लोग हमसे
Anis Shah
उलझता रहता है हर कोई यहां इश्क़ की चाहतों में।
उलझता रहता है हर कोई यहां इश्क़ की चाहतों में।
Manisha Manjari
मौसम बारिश वाला
मौसम बारिश वाला
ललकार भारद्वाज
सिया मान मेरी बात
सिया मान मेरी बात
Baldev Chauhan
*चक्रव्यूह*
*चक्रव्यूह*
Pallavi Mishra
बेकसूर तुम हो
बेकसूर तुम हो
SUNIL kumar
"पूस की रात"
Dr. Kishan tandon kranti
जब भी लगे
जब भी लगे
पूर्वार्थ
Loading...