Sahityapedia
Sign in
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Apr 2022 · 1 min read

पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!

पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
~~°~~°~~°~~°~~°~~°
व्योम उर सा अनंत विस्तृत,
स्नेह का साम्राज्य तेरा ,
आये थे हम,तेरी कृपा से,
पर ये तो है सौभाग्य मेरा।
स्वप्न चुन-चुन,द्रव्य गिन-गिन,
हसरतें बनाते प्रतिदिन,
कण-कण अवगाहन करके,
लिख गए तू भविष्य मेरा।

पितृ स्वरुपा,हे विधाता !
हम सब का है तू पालनहारा ,
मंद-मंद,पल-पल प्रवाहित,
है धरा पर आशीष तेरा।
सहज सुंदर सौम्य निर्मल,
सुरभि सरिता पुनीत धारा,
कण-कण अवगाहन करके,
लिख गए तू भविष्य मेरा।

धैर्य अनुपम,दृष्टि विहंगम,
स्पर्श से छटे गम का घनेरा ,
मन स्पंदित होता था जब,
मिलता रहा बस साथ तेरा ।
हे गगन के द्युतिअलौकिक,
रब भी नहीं तुझ सा चितेरा,
कण-कण अवगाहन करके,
लिख गए तू भविष्य मेरा।

कारवाँ अब कौन लाए,
अनगिनत उम्मीदों का सबेरा ,
होता नहीं अश्रांत मन अब,
मिटता नहीं क्यूँ तमस घेरा।
खुल रहें हैं भेद ज्यों-ज्यों,
खल रहा अब बिछोह तेरा ,
कण-कण अवगाहन करके,
लिख गए तू भविष्य मेरा।

मौलिक एवं स्वरचित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – ३० /०४ /२०२२

17 Likes · 26 Comments · 1733 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from मनोज कर्ण
View all

You may also like these posts

फरवरी का महीना अजीब है.
फरवरी का महीना अजीब है.
Vishal Prajapati
"जलती आग"
Dr. Kishan tandon kranti
रमेशराज के शिक्षाप्रद बालगीत
रमेशराज के शिक्षाप्रद बालगीत
कवि रमेशराज
नहीं पाए
नहीं पाए
manjula chauhan
गज़ल
गज़ल
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
चिड़िया आँगन आकर बोले,रस की गोली मुंह में घोले ।
चिड़िया आँगन आकर बोले,रस की गोली मुंह में घोले ।
Rita Singh
चेहरा सब कुछ बयां नहीं कर पाता है,
चेहरा सब कुछ बयां नहीं कर पाता है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
साये की तरह मेरा साथ, तुम निभाना ना कभी,
साये की तरह मेरा साथ, तुम निभाना ना कभी,
Manisha Manjari
स्त्री नख से शिख तक सुंदर होती है ,पुरुष नहीं .
स्त्री नख से शिख तक सुंदर होती है ,पुरुष नहीं .
पूर्वार्थ
अपने को जो कहाएं ज्ञानी
अपने को जो कहाएं ज्ञानी
Acharya Shilak Ram
मैं तुझसे बेज़ार बहुत
मैं तुझसे बेज़ार बहुत
Shweta Soni
गहरी हो बुनियादी जिसकी
गहरी हो बुनियादी जिसकी
दीपक बवेजा सरल
* फागुन की मस्ती *
* फागुन की मस्ती *
surenderpal vaidya
संविधान दिवस
संविधान दिवस
उषा श्रीवास वत्स
Dr Arun Kumar shastri ek abodh balak Arun atript
Dr Arun Kumar shastri ek abodh balak Arun atript
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अधरों ने की दिल्लगी,
अधरों ने की दिल्लगी,
sushil sarna
श्याम की महिमा भजन अरविंद भारद्वाज
श्याम की महिमा भजन अरविंद भारद्वाज
अरविंद भारद्वाज ARVIND BHARDWAJ
3471🌷 *पूर्णिका* 🌷
3471🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
*** पुद्दुचेरी की सागर लहरें...! ***
*** पुद्दुचेरी की सागर लहरें...! ***
VEDANTA PATEL
प्रेम मोहब्बत इश्क के नाते जग में देखा है बहुतेरे,
प्रेम मोहब्बत इश्क के नाते जग में देखा है बहुतेरे,
Anamika Tiwari 'annpurna '
तबो समधी के जीउ ललचाई रे
तबो समधी के जीउ ललचाई रे
आकाश महेशपुरी
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
जो कायर अपनी गली में दुम हिलाने को राज़ी नहीं, वो खुले मैदान
जो कायर अपनी गली में दुम हिलाने को राज़ी नहीं, वो खुले मैदान
*प्रणय प्रभात*
"
Madhu Gupta "अपराजिता"
मोहब्बत-ए-यज़्दाँ ( ईश्वर - प्रेम )
मोहब्बत-ए-यज़्दाँ ( ईश्वर - प्रेम )
Shyam Sundar Subramanian
******** प्रेरणा-गीत *******
******** प्रेरणा-गीत *******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
તારા દિલમાં
તારા દિલમાં
Iamalpu9492
उनसे कहना वो मेरे ख्वाब में आते क्यों हैं।
उनसे कहना वो मेरे ख्वाब में आते क्यों हैं।
Phool gufran
वर्ण पिरामिड
वर्ण पिरामिड
Rambali Mishra
“अधूरी नज़्म”
“अधूरी नज़्म”
Meenakshi Masoom
Loading...