Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 May 2023 · 1 min read

बचपन

भाग दौड़ भरे इस जीवन में
जब आंखों को बंद करता हूँ
सोचता हूँ
जीवन के बारे में
कैसा रहा
सफर ये मेरा
क्या किया है मैंने खास
क्या रहा सुनहरा जीवन में
सोचता हूँ।

सोचता हूँ
बचपन जो मेरा
रहा बड़ा ही खास
कूदते थे
खेलते थे
डर के ही सही
मन से ही सही
पलटते थे
पन्ने किताबो के।
सोचता हूँ
पल वो सुनहरे थे मेरे जो खास
सोचता हूँ
वो आ जाये वापस काश!

लेकिन आज हलचल सी मच गई
इस शांत समुद्र से मन में
आज तूफान आ गया है
इस शांत से मन में
बचपन का मैंने रूप देखा
शहर की एक होटल में
बचपन कुचल रहा था जहाँ
आँखों के मेरे सामने।

सोचता हूँ
जब उसकी उस
भोली सूरत के बारे में
जो कांप रहा था
मालिक की
इक आवाज लगाने में
हाय! ऐसा बचपन है
इस शहर के हर मुहाने में।

नन्दलाल सुथार
रामगढ़, जैसलमेर(राज.)

1 Like · 291 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नन्दलाल सुथार "राही"
View all
You may also like:
अनन्त तक चलना होगा...!!!!
अनन्त तक चलना होगा...!!!!
Jyoti Khari
शक
शक
Paras Nath Jha
पंचवक्त्र महादेव
पंचवक्त्र महादेव
surenderpal vaidya
धरती ने जलवाष्पों को आसमान तक संदेश भिजवाया
धरती ने जलवाष्पों को आसमान तक संदेश भिजवाया
ruby kumari
है प्यार तो जता दो
है प्यार तो जता दो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
निकला वीर पहाड़ चीर💐
निकला वीर पहाड़ चीर💐
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
समाज में शिक्षा का वही स्थान है जो शरीर में ऑक्सीजन का।
समाज में शिक्षा का वही स्थान है जो शरीर में ऑक्सीजन का।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
नीला अम्बर नील सरोवर
नीला अम्बर नील सरोवर
डॉ. शिव लहरी
🙏🙏 अज्ञानी की कलम 🙏🙏
🙏🙏 अज्ञानी की कलम 🙏🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
व्यक्ति महिला को सब कुछ देने को तैयार है
व्यक्ति महिला को सब कुछ देने को तैयार है
शेखर सिंह
मित्रो नमस्कार!
मित्रो नमस्कार!
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
The Day I Wore My Mother's Saree!
The Day I Wore My Mother's Saree!
R. H. SRIDEVI
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
पेड़ काट निर्मित किए, घुटन भरे बहु भौन।
विमला महरिया मौज
जीवन साथी,,,दो शब्द ही तो है,,अगर सही इंसान से जुड़ जाए तो ज
जीवन साथी,,,दो शब्द ही तो है,,अगर सही इंसान से जुड़ जाए तो ज
Shweta Soni
संघर्ष
संघर्ष
विजय कुमार अग्रवाल
जो दिखता है नहीं सच वो हटा परदा ज़रा देखो
जो दिखता है नहीं सच वो हटा परदा ज़रा देखो
आर.एस. 'प्रीतम'
नूतन वर्ष
नूतन वर्ष
Madhavi Srivastava
गणतंत्र के मूल मंत्र की,हम अकसर अनदेखी करते हैं।
गणतंत्र के मूल मंत्र की,हम अकसर अनदेखी करते हैं।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
दिनांक:- २४/५/२०२३
दिनांक:- २४/५/२०२३
संजीव शुक्ल 'सचिन'
दिल का सौदा
दिल का सौदा
सरिता सिंह
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
हे दिनकर - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
हमारा प्यार
हमारा प्यार
Dipak Kumar "Girja"
उम्मीदें  लगाना  छोड़  दो...
उम्मीदें लगाना छोड़ दो...
Aarti sirsat
"सफर अधूरा है"
Dr. Kishan tandon kranti
नशा और युवा
नशा और युवा
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
नन्हीं बाल-कविताएँ
नन्हीं बाल-कविताएँ
Kanchan Khanna
है आँखों में कुछ नमी सी
है आँखों में कुछ नमी सी
हिमांशु Kulshrestha
आखिरी ख्वाहिश
आखिरी ख्वाहिश
Surinder blackpen
*पहचान* – अहोभाग्य
*पहचान* – अहोभाग्य
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...