Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
16 Apr 2024 · 1 min read

“जिन्दगी के सफर में”

“जिन्दगी के सफर में”
जिन्दगी के सफर में नाकामयाबी एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। इसके आगे निकल कर ही इंसान विजेता बनता है।

1 Like · 1 Comment · 46 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
वो दौर अलग था, ये दौर अलग है,
वो दौर अलग था, ये दौर अलग है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
दलित साहित्यकार कैलाश चंद चौहान की साहित्यिक यात्रा : एक वर्णन
दलित साहित्यकार कैलाश चंद चौहान की साहित्यिक यात्रा : एक वर्णन
Dr. Narendra Valmiki
छल फरेब
छल फरेब
surenderpal vaidya
मेरी गुड़िया
मेरी गुड़िया
Kanchan Khanna
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
कवि दीपक बवेजा
जल जंगल जमीन
जल जंगल जमीन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चार यार
चार यार
Bodhisatva kastooriya
ज़िंदगी
ज़िंदगी
Dr. Seema Varma
श्रीराम
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
विचार, संस्कार और रस [ एक ]
विचार, संस्कार और रस [ एक ]
कवि रमेशराज
व्यावहारिक सत्य
व्यावहारिक सत्य
Shyam Sundar Subramanian
अनजान बनकर मिले थे,
अनजान बनकर मिले थे,
Jay Dewangan
सत्संग संध्या इवेंट
सत्संग संध्या इवेंट
पूर्वार्थ
জীবন চলচ্চিত্রের একটি খালি রিল, যেখানে আমরা আমাদের ইচ্ছামত গ
জীবন চলচ্চিত্রের একটি খালি রিল, যেখানে আমরা আমাদের ইচ্ছামত গ
Sakhawat Jisan
वीरवर (कारगिल विजय उत्सव पर)
वीरवर (कारगिल विजय उत्सव पर)
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मेरी माँ
मेरी माँ
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
आक्रोश तेरे प्रेम का
आक्रोश तेरे प्रेम का
भरत कुमार सोलंकी
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
गम के पीछे ही खुशी है ये खुशी कहने लगी।
सत्य कुमार प्रेमी
■ फ़ोकट का एटीट्यूड...!!
■ फ़ोकट का एटीट्यूड...!!
*प्रणय प्रभात*
*महानगर (पाँच दोहे)*
*महानगर (पाँच दोहे)*
Ravi Prakash
राज्याभिषेक
राज्याभिषेक
Paras Nath Jha
ज्ञानों का महा संगम
ज्ञानों का महा संगम
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
"घर बनाने के लिए"
Dr. Kishan tandon kranti
क्यों ना बेफिक्र होकर सोया जाएं.!!
क्यों ना बेफिक्र होकर सोया जाएं.!!
शेखर सिंह
!! सुविचार !!
!! सुविचार !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
पीड़ा
पीड़ा
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ये वादियां
ये वादियां
Surinder blackpen
तुझसे रिश्ता
तुझसे रिश्ता
Dr fauzia Naseem shad
अच्छा रहता
अच्छा रहता
Pratibha Pandey
2 जून की रोटी की खातिर जवानी भर मेहनत करता इंसान फिर बुढ़ापे
2 जून की रोटी की खातिर जवानी भर मेहनत करता इंसान फिर बुढ़ापे
Harminder Kaur
Loading...