Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jun 2023 · 1 min read

All your thoughts and

All your thoughts and
All your words, are
Conveyed Aloud
Through your Actions.
Carve them carefully.

Dhriti

306 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dhriti Mishra
View all
You may also like:
*बदलता_है_समय_एहसास_और_नजरिया*
*बदलता_है_समय_एहसास_और_नजरिया*
sudhir kumar
आप जरा सा समझिए साहब
आप जरा सा समझिए साहब
शेखर सिंह
अर्थ  उपार्जन के लिए,
अर्थ उपार्जन के लिए,
sushil sarna
फितरत है इंसान की
फितरत है इंसान की
आकाश महेशपुरी
कर्मठ व्यक्ति की सहनशीलता ही धैर्य है, उसके द्वारा किया क्षम
कर्मठ व्यक्ति की सहनशीलता ही धैर्य है, उसके द्वारा किया क्षम
Sanjay ' शून्य'
स्वयं से सवाल
स्वयं से सवाल
Rajesh
राम दर्शन
राम दर्शन
Shyam Sundar Subramanian
सच कहना जूठ कहने से थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसे कहने म
सच कहना जूठ कहने से थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसे कहने म
ruby kumari
जीवन और मृत्यु के मध्य, क्या उच्च ये सम्बन्ध है।
जीवन और मृत्यु के मध्य, क्या उच्च ये सम्बन्ध है।
Manisha Manjari
7. तेरी याद
7. तेरी याद
Rajeev Dutta
"बिना पहचान के"
Dr. Kishan tandon kranti
संतुलित रखो जगदीश
संतुलित रखो जगदीश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"चलो जी लें आज"
Radha Iyer Rads/राधा अय्यर 'कस्तूरी'
2715.*पूर्णिका*
2715.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
If I were the ocean,
If I were the ocean,
पूर्वार्थ
Safar : Classmates to Soulmates
Safar : Classmates to Soulmates
Prathmesh Yelne
■ सतनाम वाहे गुरु सतनाम जी।।
■ सतनाम वाहे गुरु सतनाम जी।।
*प्रणय प्रभात*
25)”हिन्दी भाषा”
25)”हिन्दी भाषा”
Sapna Arora
प्यार और विश्वास
प्यार और विश्वास
Harminder Kaur
सितारे अपने आजकल गर्दिश में चल रहे है
सितारे अपने आजकल गर्दिश में चल रहे है
shabina. Naaz
गुमनाम राही
गुमनाम राही
AMRESH KUMAR VERMA
*खुशी के पल असाधारण, दोबारा फिर नहीं आते (मुक्तक)*
*खुशी के पल असाधारण, दोबारा फिर नहीं आते (मुक्तक)*
Ravi Prakash
दोय चिड़कली
दोय चिड़कली
Rajdeep Singh Inda
खाओ जलेबी
खाओ जलेबी
surenderpal vaidya
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
Ranjeet kumar patre
मां बताती हैं ...मेरे पिता!
मां बताती हैं ...मेरे पिता!
Manu Vashistha
बेगुनाह कोई नहीं है इस दुनिया में...
बेगुनाह कोई नहीं है इस दुनिया में...
Radhakishan R. Mundhra
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
पाँव थक जाएं, हौसलों को न थकने देना
पाँव थक जाएं, हौसलों को न थकने देना
Shweta Soni
खुशियों की डिलीवरी
खुशियों की डिलीवरी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Loading...