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10 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-397💐

कोई फ़रमाइशी के शबद न माँगे थे इश्क़ में,
ये दिल जानता है या वो जानते हैं इश्क़ में,
किसी बात की तज़हीक में वो क्या कम थे,
वो अक़्ल में बे-एतिबार पसन्द थे, इश्क़ में।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
146 Views
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