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25 Jan 2024 · 1 min read

इंतजार युग बीत रहा

कंहा छिप गया है राम का राज
दूर दृष्टि भी देख ना पाए
तकते ही कई जन्म है बीते
कौन सुने अब राम दुहाई

सच्चा एक इंसान दिखा दे
स्नेह भरा एक दिल दिखा दे
रिश्तो को जो व्यापार ना समझे
कृष्ण-सुदामा सा सखा दिखा दे

नवजात सी मेरी आंखे
धरती पर ही स्वर्ग को खोजे
इंतजार युग बीत रहा
एक अवतार को नैना तरसे

राम और रावण मेरे भीतर
चाहे रावण जमकर जकड़े
पर जो देंखू राज व्यवस्थित
कैसे ना बस राम ही उभरे

एक कुटुंब सी दिखे यह दुनिया
छोटे बडे से परे विचार
आपस मे सहयोग का संबंध
क्यो ना हो फिर राम का राज

संदीप पांडे”शिष्य” अजमेर

Language: Hindi
2 Likes · 86 Views
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