Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Apr 2024 · 1 min read

“अपराध का ग्राफ”

यूँ ही नही बढ़ता
अपराध का ग्राफ
बच्चा भी समझता है
हर एक बात
जो बुजुर्गों की आँखों में
साफ-साफ झाँकता है,
बच्चा तो बच्चा ठहरा
वो उसी धुन पर नाचता है।

यही बात बाल मन में
अपना चेहरा दिखाती है,
किसी द्रव की भाँति
गड्ढों को देख कर
बस वहीं ठहर जाती है।

मेरी प्रकाशित 46 वीं काव्य-कृति :
‘वक्त की रेत’ से,,,,

डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
साहित्य वाचस्पति
सुदीर्घ एवं अप्रतिम साहित्य सेवा के लिए
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त
हरफनमौला साहित्य लेखक।

Language: Hindi
1 Like · 1 Comment · 28 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Kishan tandon kranti
View all
You may also like:
■ शुभकामनाएं...
■ शुभकामनाएं...
*Author प्रणय प्रभात*
स्थायित्व कविता
स्थायित्व कविता
Shyam Pandey
*Perils of Poverty and a Girl child*
*Perils of Poverty and a Girl child*
Poonam Matia
"दस्तूर"
Dr. Kishan tandon kranti
कभी कभी अच्छा लिखना ही,
कभी कभी अच्छा लिखना ही,
नेताम आर सी
कुछ बातें ज़रूरी हैं
कुछ बातें ज़रूरी हैं
Mamta Singh Devaa
आजाद पंछी
आजाद पंछी
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
मर मिटे जो
मर मिटे जो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मैं चाहता हूं इस बड़ी सी जिन्दगानी में,
मैं चाहता हूं इस बड़ी सी जिन्दगानी में,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
"Recovery isn’t perfect. it can be thinking you’re healed fo
पूर्वार्थ
बंधन में रहेंगे तो संवर जायेंगे
बंधन में रहेंगे तो संवर जायेंगे
Dheerja Sharma
* आओ ध्यान करें *
* आओ ध्यान करें *
surenderpal vaidya
भूल गए हम वो दिन , खुशियाँ साथ मानते थे !
भूल गए हम वो दिन , खुशियाँ साथ मानते थे !
DrLakshman Jha Parimal
जिंदगी के रंगमंच में हम सभी किरदार है
जिंदगी के रंगमंच में हम सभी किरदार है
Neeraj Agarwal
काश कही ऐसा होता
काश कही ऐसा होता
Swami Ganganiya
खड़ा रेत पर नदी मुहाने...
खड़ा रेत पर नदी मुहाने...
डॉ.सीमा अग्रवाल
ये कैसा घर है. . . .
ये कैसा घर है. . . .
sushil sarna
Image at Hajipur
Image at Hajipur
Hajipur
*पानी बरसा हो गई, आफत में अब जान (कुंडलिया)*
*पानी बरसा हो गई, आफत में अब जान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
2935.*पूर्णिका*
2935.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
आवारगी मिली
आवारगी मिली
Satish Srijan
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
टूटेगा एतबार
टूटेगा एतबार
Dr fauzia Naseem shad
18, गरीब कौन
18, गरीब कौन
Dr Shweta sood
मां कालरात्रि
मां कालरात्रि
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जब किनारे दिखाई देते हैं !
जब किनारे दिखाई देते हैं !
Shyam Vashishtha 'शाहिद'
इंसान VS महान
इंसान VS महान
Dr MusafiR BaithA
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
शिव प्रताप लोधी
इल्म़
इल्म़
Shyam Sundar Subramanian
ख्वाब नाज़ुक हैं
ख्वाब नाज़ुक हैं
rkchaudhary2012
Loading...