#राजस्थान_दिवस_पर

#राजस्थान_दिवस_पर
◆हृदय से बधाई व शुभकामनाएं सभी मित्रों को◆
【प्रणय प्रभात】
“अपि स्वर्णमयी लंका, लक्ष्मण मे न रोचते।
जननी जन्मभूमिश्च: स्वर्गादपि गरीयसी।।”
मस्तक झुका कर आज दण्डवत प्रणाम करता हूं अपनी जन्मभूमि, शौर्य भूमि राजस्थान की पावन माटी को, पावन धरा को। उस भू-भाग को जो असंख्य महावीरों, संत फ़क़ीरों, महान सतियों व समर्थ कवियों का जन्मस्थल व आश्रय रहा है।
नमन करता हूं बलिदान, अतिथि सत्कार और स्वाभिमान की चिरकालिक परिपाटी को, जो आज भी इस दिव्य भूमि की भव्य संस्कृति में समाहित है।
बधाई देता हूं समस्त राजस्थानी परिजनों, स्वजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को प्रदेश के स्थापना दिवस के पुनीत व मोदमयी उपलक्ष्य में।
आग्रह है कि उस मिट्टी का मान सतत बनाए रखें जहां भक्ति माता मीरा, पन्ना धाय, हाड़ा रानी, रानी पद्मिनी जैसी वीरांगनाओं ने इतिहास रचे।
समर्पित रहें उस धरती के प्रति जहां शूरवीर महाराणा प्रताप, हठी हमीर जैसे महायोद्धा, दानवीर भामाशाह आज भी शिराओं में रक्त की भाँति प्रवाहित व संचारित हैं।
कृत-कृत्य रहें उस रंग-रंगीले प्रदेश के प्रति जो आज भी समूची दुनिया में सबसे अलग है अपनी विशिष्टता व अनूठी संस्कृति के लिए।
#जय_जय_राजस्थान।।
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-सम्पादक-
न्यूज़&व्यूज (मप्र)