यह मेरा राजस्थान(राजस्थान दिवस पर)

(शेर)- मैं तो करूँ बखान आज, मेरे राजस्थान का।
बहता है मेरी रगों में, लहू जो राजस्थान का।।
वीरों की खान और भारत की शान राजस्थान है।
रहे सितारा हमेशा बुलन्द, जग में राजस्थान का।।
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वीरों की खान, और भारत की शान।
ऐसा है निराला, यह मेरा राजस्थान।।
गाये सारा यह जग, जिसका गुणगान।
इतना ही प्रसिद्ध है, यह मेरा राजस्थान।।
वीरों की खान, और———————–।।
कुम्भलगढ़, चितौड़गढ़, शान है आमेरगढ़।
स्वर्णदुर्ग, मेहरानगढ़, पहचान है नाहरगढ़।।
कन्हैया लाल, सूर्यमल्ल, इसका बढ़ाये मान।
ऐसा है सितारा जग में, यह मेरा राजस्थान।।
वीरों की खान, और———————-।।
पुष्कर और बाणेश्वर मेला, कोटा का दशहरा मेला।
नागौर का पशु मेला, प्रसिद्ध है बारां का डोल मेला।।
रामदेवरा, खाटूश्याम मेला, इसकी बढ़ाये शान।
कहलाये मेलों की धरती, यह मेरा राजस्थान।।
वीरों की खान, और———————-।।
राणा सांगा, पृथ्वीराज चौहान, यह राणा प्रताप की जननी है।
मीराबाई, पन्नाधाय, और यह रानी पद्मिनी की जननी है।।
सन्तों, महापुरुषों की जननी, मेरा राजस्थान।
संस्कृति की एक मिसाल, यह मेरा राजस्थान।।
वीरों की खान, और———————-।।
शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)