नवसंवत्सर

नवसंवत्सर
चैत्र नवरात्र
नवरात्रों की भोर है , दिल में सबके हर्ष
चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, ले आई नववर्ष
ले आई नववर्ष, सनातन की जय बोलो
अपने दिल के द्वार,प्रेम से हिल मिल खोलो
कहे ‘अर्चना’ बात,धूम है जगरातों की
शुरू हुआ नववर्ष, जोत ले नवरात्रों की
डॉ अर्चना गुप्ता
30.03.2025