*जीवनसंगिनी*

मन में उमंग, हृदय में हुलास,
आज संवरेंगे सपनों के रास।
जीवन संगिनी मिलने को आई,
संग लाए मधुमय अहसास।
पलकों में जैसे दीप जले,
प्रेम के रंग अनोखे खिले।
शब्द नहीं, बस भाव बहे,
दिल की वीणा सुर में बजे।
वो पहली झलक, वो मधुर वचन,
मन को छू ले, करे आलिंगन।
संग उसके हर ग़म हल्का लगे,
जैसे मिल गई हो नई जीवन धुन।
हाथों में हाथ, कदम संग-संग,
सपनों की नगरी में बजे रणभेरि।
जीवन की इस मधुर राह में,
सुख-दुख अब होंगे आधे-आधे।