एक अल्प विराम लाइन ख़त्म कर देता है

एक अल्प विराम लाइन ख़त्म कर देता है
मेरा वो अल्पविराम हो तुम…
ना सुख की आस, ना दुख की चिंता
मेरा तो सिर्फ सुकून or आराम हो तुम
जिंदगी kya मोड़ लेगी
कोई परवा नहीं…
मेरी तो सुकून की नींद or आराम हो तुम
अब ना सुख की चिंता, ना दुखो का डर
मेरी तो एक प्यारी सी मुस्कान हो तुम..
आगे जिंदगी में क्या होगा कोई परवाह नहीं…
क्योंकि मेरा तो अल्पविराम हो तुम…
मेरे अपने विचार ✍️
मेरी अपनी कलम से