होली और रमजान में सौहार्द बिगाड़ने की साजिश पर सब समाज एकता संगठन की तीखी प्रतिक्रिया*

नई दिल्ली। सब समाज एकता संगठन ने होली और रमजान के पावन महीने में देश में बढ़ती सामाजिक अस्थिरता और राजनीतिक दलों की भूमिका पर कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री फरमान हिंदुस्तानी ने कहा कि राजनीतिक दल एक ओर धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं, तो दूसरी ओर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। फरमान हिंदुस्तानी ने कट्टरपंथी ताकतों पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के संगठन के प्रयासों को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। वही संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रमुख अभिलेश श्रीभारती ने इस मुद्दे पर अपनी तीखी और कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ वामपंथी और कट्टरपंथी विचारधारा के लोग अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, “होली ऐसा पर्व है, जो सभी धर्मों, जातियों और वर्गों को जोड़ता है। यह त्यौहार सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और उल्लास का संदेश देता है। दुर्भाग्यवश, राजनीतिक दल इसी सामाजिक सौहार्द को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा संगठन प्रमुख अभिलेश श्रीभारती, जो एक सामाजिक शोधकर्ता, विश्लेषक और लेखक भी हैं, उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों की विभाजनकारी नीतियों के झांसे में न आएं और होली को सामाजिक एकता व सौहार्द के पर्व के रूप में मनाएं। उन्होंने कहा कि सब समाज एकता संगठन हमेशा से सामाजिक शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है और आगे भी इस दिशा में काम करता रहेगा। संगठन ने देशवासियों से अनुरोध किया कि वे राजनीति से प्रेरित विभाजनकारी तत्वों से सतर्क रहें और होली के रंगों से सामाजिक सौहार्द को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। होली पर राजनीतिक मुद्दा बनाये जाने पर अभिलेश श्रीभारती ने कहा कि यह सबसे बड़ी विडंबना है हमारे देश का, कि राजनीतिक दलों को इस त्योहार को समाज को जोड़ने का माध्यम बनाना चाहिए, न कि उसे तोड़ने का। सब समाज एकता संगठन ने देशवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और होली के रंगों के माध्यम से सामाजिक सौहार्द और एकता को नई ऊंचाई तक ले जाएं।।