विधा-मुक्तक

विधा-मुक्तक
बेताब दिल की धड़कन बस नाम तेरा लेती है।
एक पल भी हमें आराम लेने नहीं देती है।
हर वक्त जपती रहती है तेरे नाम की माला,
तुमसे मिलने की हरदम टेर लगाए रहती है।।
स्वरचित रचना-राम जी तिवारी”राम”
उन्नाव (उत्तर प्रदेश)