औरों का “सगा” होने से पहले ज़रूरी यह है कि इंसान अपने घर वालो

औरों का “सगा” होने से पहले ज़रूरी यह है कि इंसान अपने घर वालों का सगा हो ले। बिना किसी लालच या आस के।
🙅प्रणय प्रभात🙅
औरों का “सगा” होने से पहले ज़रूरी यह है कि इंसान अपने घर वालों का सगा हो ले। बिना किसी लालच या आस के।
🙅प्रणय प्रभात🙅