अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा।
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस।
-आचार्य रामानंद मंडल।
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस २१ फरवरी के मनायल जाइत हय। यूनेस्को द्वारा १७ नवंबर १९९९ के घोषणा कैल गेल रहय आ २००० ई से दुनियाभर मे अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के आयोजन कैल जा रहल हय।
यूनेस्को के अनुसार संसार मे ८३२४भाषा आ बोली हय। अइमे अनुमानित ७००० भाषा अभियो व्यवहार कैल जाइ हय।तैयो भाषा विविधता खतरा मे हय। केते भाषा समाप्त हो रहल हय।
अध्ययन के अनुसार भाषा बर्चस्ववाद के कारण सेहो भाषा समाप्त हो रहल हय। जेना अंग्रेजी के कारण हिन्दी, हिन्दी के कारण मैथिली आ मैथिली के कारण अंगिका बज्जिका भाषा मे क्षरण हो रहल हय।
भारत मे लगभग २२ आधिकारिक रूप से मान्यताप्राप्त भाषा हय।१६३५ मातृभाषा आ २३४ पहचान योग्य मातृभाषा हय।
भारत मे संविधान के आठवीं अनुसूची मे २२भाषा यथा असमिया, बांग्ला, गुजराती,कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम,मणीपुरी, मराठी, हिंदी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत,सिंधी, तमिल,तेलगु, उर्दू,बोडो, संथाली, मैथिली आ डोंगरी सम्मिलित हय।
मनुष के के जेना जन्म के संग विशेष सूरत मिलैत हय वहिना एकटा भाषा सेहो मिलैत हय।जे हमर मातृभाषा होइ हय।आ अही से हमर शारीरिक आ मानसिक विकास होइ हय।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम २००९के अनुसार शिक्षा के माध्यम मातृभाषा होनाइ हय।
@आचार्य रामानंद मंडल सीतामढ़ी।