हिंदी दोहे – दही

हिंदी दोहे बिषय – #दही
मथे यशोदा जब दही,बैठें नंदकिशोर।
#राना माखन देखकर,हाथ करें उस ओर।।
दही बिलोती गोपियाँ,प्रातकाल की धूप।
चंद्र बिंदु शुभ भाल पर,#राना सभी अनूप।।
दही भरें जब गोपियाँ,मटकी बोले बोल।
#राना रखना कृष्ण को,कुछ माखन अनमोल।।
दुग्ध जमे बनता दही,फिर माखन घृत रूप।
#राना समझें उच्च कृत,लगते सभी अनूप।।
मृदु स्वभाव रखता दही ,#राना गुण भंडार।
सज्जन कुल गिनती गिनो,और करो सब प्यार।।
*** दिनांक- 28-1-2025
✍️ -राजीव नामदेव “राना लिधौरी”
संपादक “आकांक्षा” हिंदी पत्रिका
संपादक- ‘अनुश्रुति’ त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email – ranalidhori@gmail.com