हमें कहता है अन्तर्मन हमारा
इस जीवन का क्या मर्म हैं ।
तमाम आरजूओं के बीच बस एक तुम्हारी तमन्ना,
अजब-गजब
Sarla Sarla Singh "Snigdha "
ಅನಾವಶ್ಯಕವಾಗಿ ಅಳುವುದರಿಂದ ಏನು ಪ್ರಯೋಜನ?
हमारे बुजुर्गो की वैज्ञानिक सोच
ये ज़िंदगी एक अजीब कहानी है !!
याद हमारी बहुत आयेगी कल को
बुरा ख्वाबों में भी जिसके लिए सोचा नहीं हमने
*आया है ऋतुराज, हाथ में ले पिचकारी (कुंडलिया)*
ग़ज़ल _ खुदगर्जियाँ हावी हुईं ।
मरूधरां
जितेन्द्र गहलोत धुम्बड़िया
लिखता हूं खत हर रोज तेरे अफसाने पर।
तलास है उस इंसान की जो मेरे अंदर उस वक्त दर्द देख ले जब लोग
मुलाकातें हों या गुफ़्तगू