चलो चले हम महाकुम्भ में,
चलो चले हम महाकुम्भ में,
करें भोले बाबा का ध्यान।
डुबकी मारें संगम तीरे,
करें पवित्र संगम में स्नान।
महाकुंभ स्नान का,
मिलता ऐसा वरदान।
प्रयागराज की पावन धरा,
लगती है स्वर्ग समान।
प्रयागराज की पावन धरा पर,
लगा है कुम्भ का अद्भुत मेला।
जमावड़ा है साधू-संतों का,
श्रद्धालुओं का रेलम पेला।
दूर- दूर से आते नर- नारी,
त्रिवेणी की बहती धारा न्यारी।
साधु- संत नित लगायें डुबकी,
लगा जिस्म पर भस्म निराली।