*चुप रहना है अनमोल कला (राधेश्यामी छंद)*
समय बीतते तनिक देर नहीं लगता!
नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन, तब सुख के म
जो सोचूँ मेरा अल्लाह वो ही पूरा कर देता है.......
सोना और चांदी हैं, कलंदर,तेरी आंखें। मशरूब की मस्ती हैं,समंदर तेरी आंखें।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
गणेश वंदना (धत्तानंद छंद )
कौन है जिसको यहाँ पर बेबसी अच्छी लगी
"बाप तो बाप रहेगा"(अभिलेश श्रीभारती)
Abhilesh sribharti अभिलेश श्रीभारती
मरने की ठान कर मारने के लिए आने वालों को निपटा देना पर्याप्त
अंबर
डॉ राजेंद्र सिंह स्वच्छंद
यूँ झूटी कहावत का क्या फ़ायदा