sp46 खड़े से खाई के आगे सांसों का सफर
धुप सी शक्ल में वो बारिश की बुंदें
रामधारी सिंह दिवाकर की कहानी 'गाँठ' का मंचन
दिल को यूं भी सुकून देते हैं।
या खुदा तू ही बता, कुछ शख़्स क्यों पैदा किये।
" कौन मनायेगा बॉक्स ऑफिस पर दिवाली -फ़िल्मी लेख " ( भूल भूलेया 3 Vs सिंघम अगेन )
प्रभु का प्राकट्य
Anamika Tiwari 'annpurna '
मैंने, निज मत का दान किया;
यूँ दर्दो तड़प लिए सीने में