सबसे बड़ा सवाल मुँहवे ताकत रहे
*मृत्युलोक में देह काल ने, कुतर-कुतर कर खाई (गीत)*
फागुन महराज, फागुन महराज, अब के गए कब अइहा: लोक छत्तीसगढ़ी कविता
बादल लगते कितने प्यारे हो
पर्वत हैं तो धरती का श्रंगार है
समय बदलता तो हैं,पर थोड़ी देर से.
मोहब्बत मेरी जब यह जमाना जानेगा
दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज नींद है ,जो इंसान के कुछ समय के ल
यही सोचकर आँखें मूँद लेता हूँ कि.. कोई थी अपनी जों मुझे अपना